Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग शनि 30 नवंबर 2002
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
कृष्ण पक्ष · 06:25 तक
फिर एकादशी · 03:38 रवि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं कारण जानेंव्रत
उत्पन्ना एकादशी
स्मार्त परंपरा में उत्पन्ना एकादशी शनि 30 नवंबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव रवि 1 दिसंबर को व्रत रखते हैं। शनि 30 नवंबर क्यों?
उत्पन्ना एकादशी: Codcod में हर तारीख़30 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 30 नवंबर
- 04:09–04:58ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:48 से
- 07:21–08:42शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:12–11:58अभिजीत मुहूर्त
- 13:02–14:29लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:29–15:55अमृत चौघड़िया
-
16:54–18:22अमृत कालहस्त में
- सूर्यास्त 17:22 के बाद
- 17:22–18:55लाभ चौघड़िया
- 20:29–22:02शुभ चौघड़िया
- 22:02–23:35अमृत चौघड़िया
- 04:15–05:49 रविलाभ चौघड़िया
- 04:09–04:59 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:48–07:15कालअशुभ
- 07:15–08:42शुभ
- 08:42–10:08रोगअशुभ
- 10:08–11:35उद्वेगअशुभ
- 11:35–13:02चरसामान्य
- 13:02–14:29लाभयमगण्ड में
- 14:29–15:55अमृतशुभ
- 15:55–17:22कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:22–18:55लाभशुभ
- 18:55–20:29उद्वेगअशुभ
- 20:29–22:02शुभ
- 22:02–23:35अमृतशुभ
- 23:35–01:09 रविचरसामान्य
- 01:09–02:42 रविरोगअशुभ
- 02:42–04:15 रविकालअशुभ
- 04:15–05:49 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 30 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:58, शुभ
- काल, अशुभ, 05:48–07:15
- शुभ, 07:15–08:42
- रोग, अशुभ, 08:42–10:08
- उद्वेग, अशुभ, 10:08–11:35
- चर, सामान्य, 11:35–13:02
- लाभ, शुभ, 13:02–14:29
- अमृत, शुभ, 14:29–15:55
- काल, अशुभ, 15:55–17:22
- लाभ, शुभ, 17:22–18:55
- उद्वेग, अशुभ, 18:55–20:29
- शुभ, 20:29–22:02
- अमृत, शुभ, 22:02–23:35
- चर, सामान्य, 23:35–01:09 रवि
- रोग, अशुभ, 01:09–02:42 रवि
- काल, अशुभ, 02:42–04:15 रवि
- लाभ, शुभ, 04:15–05:49 रवि
- गुलिक काल, 05:48–07:15, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:48–06:35, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:35–07:21, अशुभ
- राहु काल, 08:42–10:08, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:12–11:58, शुभ
- यमगण्ड, 13:02–14:29, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:59 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में उत्पन्ना एकादशी शनि 30 नवंबर को क्यों है?
स्मार्त परंपरा में उत्पन्ना एकादशी शनि 30 नवंबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव रवि 1 दिसंबर को व्रत रखते हैं।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह शनि 30 नवंबर को 06:25 पर, उस सूर्योदय (05:48) के बाद, लगती है और रवि 1 दिसंबर को 03:38 पर, अगले सूर्योदय (05:49 रवि) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: शनि 30 नवंबर।
शनि 30 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 299.7° आगे था: कृष्ण दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:48। नवमी उससे पहले 08:52 शुक्र पर समाप्त हुई। दशमी 06:25 को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 20 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
एकादशी क्षय क्यों है?
एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 06:25 को शुरू हुई और 03:38 रवि को समाप्त, 05:48 और 05:49 रवि के सूर्योदयों के बीच। शनिवार को दशमी है और रविवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।
नई दिल्ली में एकादशी क्यों है?
नई दिल्ली में एकादशी है, Codcod में दशमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:55, दशमी की समाप्ति 03:55 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 05:48, दशमी की समाप्ति 06:25 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है। एकादशी अगले सूर्योदय से पहले, 03:38 रवि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता: वह क्षय है।
शनि 30 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:09–04:58
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:09–04:58।
शुक्र 29 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:22 शुक्र से सूर्योदय 05:48 तक थी, 12 घं 26 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 30 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:12–11:58
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:12–11:58।
शनि 30 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 05:48–06:35
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:48–06:35 और 06:35–07:21।
शनि 30 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:35–07:21
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:48–06:35 और 06:35–07:21।
यहाँ दिन, 05:48 से 17:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:48–06:35 और 06:35–07:21।
शनि 30 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:48–07:15 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:48 से 17:22, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:22 से 05:49 रवि, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 30 नवंबर को राहुकाल कब है? 08:42–10:08
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:42–10:08।
शनि 30 नवंबर को यमगंड कब है? 13:02–14:29
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:02–14:29।
शनि 30 नवंबर को गुलिक काल कब है? 05:48–07:15
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:48–07:15।
यहाँ दिन 05:48 से 17:22 तक है, 11 घं 34 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 30 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:48
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:48, सूर्यास्त 17:22, 11 घं 34 मि का दिन।
शनि 30 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:48, सूर्यास्त 17:22, 11 घं 34 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 30 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 163.3° पर था: हस्त, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 160° पर उसके पद 1 में आया। वह 22:24 को निकलेगा, चित्रा में।
शनि 30 नवंबर को कौन सा योग है? आयुष्मान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 386.9° थे, एक चक्कर और 26.9°: आयुष्मान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 223.6° + 163.3° = 386.9°, एक पूरा चक्कर और 26.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 02:01 रवि को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।
शनि 30 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 299.7° थी: दशमी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 19:41 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 294° हुई; विष्टि 06:25 तक है।
शनि 30 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:48, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:48 से 05:49 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 30 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 5 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 4 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
शनि 30 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
शनि 30 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2059 · शक 1924
विक्रम संवत 2059 13 अप्रैल 2002 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 13 अप्रैल 2002, 03:21 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 224.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2059 गिनता है; शक संवत 1924।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 30 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:32 रवि
चंद्रमा यहाँ 02:32 रवि पर उदय होता है।
शनि 30 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:01
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:01 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:32 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:01 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:32 रवि पर उदय होगा।