Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग बुध 13 मार्च 2002
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
कृष्ण पक्ष · 07:33 तक
फिर अमावस्या · 10:02 गुरु तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें चतुर्दशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें13 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 13 मार्च
- 04:20–05:07ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:55 से
- 05:55–07:26लाभ चौघड़िया
-
06:53–07:26अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · शतभिषा में
- 07:26–08:56अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:26–11:56शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:27–17:57लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:57 के बाद
- 19:27–20:57शुभ चौघड़िया
- 20:57–22:26अमृत चौघड़िया
- 02:55–04:25 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:19–05:07 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:55–07:26लाभशुभ
- 07:26–08:56अमृतयमगण्ड में
- 08:56–10:26कालअशुभ
- 10:26–11:56शुभगुलिक काल में
- 11:56–13:27रोगअशुभ
- 13:27–14:57उद्वेगअशुभ
- 14:57–16:27चरसामान्य
- 16:27–17:57लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:57–19:27उद्वेगअशुभ
- 19:27–20:57शुभ
- 20:57–22:26अमृतशुभ
- 22:26–23:56चरसामान्य
- 23:56–01:26 गुरुरोगअशुभ
- 01:26–02:55 गुरुकालअशुभ
- 02:55–04:25 गुरुलाभशुभ
- 04:25–05:55 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 13 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:20–05:07, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:55–07:26
- अमृत, शुभ, 07:26–08:56
- काल, अशुभ, 08:56–10:26
- शुभ, 10:26–11:56
- रोग, अशुभ, 11:56–13:27
- उद्वेग, अशुभ, 13:27–14:57
- चर, सामान्य, 14:57–16:27
- लाभ, शुभ, 16:27–17:57
- उद्वेग, अशुभ, 17:57–19:27
- शुभ, 19:27–20:57
- अमृत, शुभ, 20:57–22:26
- चर, सामान्य, 22:26–23:56
- रोग, अशुभ, 23:56–01:26 गुरु
- काल, अशुभ, 01:26–02:55 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:55–04:25 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:25–05:55 गुरु
- यमगण्ड, 07:26–08:56, अशुभ
- गुलिक काल, 10:26–11:56, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:32–12:20, अशुभ
- राहु काल, 11:56–13:27, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:19–05:07 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 13 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 347.3° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:55। त्रयोदशी उससे पहले 05:07 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:33 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 27 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
चतुर्दशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
चतुर्दशी यहाँ मंगल 12 और बुध 13 मार्च दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्दशी 05:07 मंगल को, सूर्योदय 05:56 मंगल से पहले, शुरू हुई और 07:33 को, अगले सूर्योदय 05:55 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्दशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?
नई दिल्ली में अमावस्या है, Codcod में चतुर्दशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:33, चतुर्दशी की समाप्ति 05:03 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 05:55, चतुर्दशी की समाप्ति 07:33 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
बुध 13 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:20–05:07
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:20–05:07।
मंगल 12 मार्च की रात सूर्यास्त 17:57 मंगल से सूर्योदय 05:55 तक थी, 11 घं 58 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 13 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 11:32–12:20
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:32–12:20।
यहाँ दिन, 05:55 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:32–12:20: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 13 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:55–07:26 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:55 से 17:57, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:57 से 05:55 गुरु, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 13 मार्च को राहुकाल कब है? 11:56–13:27
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:56–13:27।
बुध 13 मार्च को यमगंड कब है? 07:26–08:56
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:26–08:56।
बुध 13 मार्च को गुलिक काल कब है? 10:26–11:56
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:26–11:56।
यहाँ दिन 05:55 से 17:57 तक है, 12 घं 2 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 13 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 05:55
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 17:57, 12 घं 2 मि का दिन।
बुध 13 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 17:57, 12 घं 2 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 13 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा
सूर्योदय पर चंद्रमा 315.5° पर था: शतभिषा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 313°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 14:58 को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।
बुध 13 मार्च को कौन सा योग है? साध्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 643.8° थे, एक चक्कर और 283.8°: साध्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 328.3° + 315.5° = 643.8°, एक पूरा चक्कर और 283.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 23:44 को समाप्त होता है, फिर शुभ।
बुध 13 मार्च को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 347.3° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 18:19 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 07:33 तक है।
बुध 13 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:55, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:55 से 05:55 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 13 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 12 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 14 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
बुध 13 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।
बुध 13 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2058 · शक 1923
विक्रम संवत 2058 25 मार्च 2001 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 2001, 09:21 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 347.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2058 गिनता है; शक संवत 1923।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 13 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:28
चंद्रमा यहाँ 17:28 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 17:28 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।