Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग शनि 13 अक्टूबर 2001
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
व्रत
परमा एकादशी
परमा एकादशी शनि 13 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। शनि 13 अक्टूबर क्यों?
परमा एकादशी: Codcod में हर तारीख़13 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 13 अक्टूबर
- 03:59–04:47ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:35 से
- 07:11–08:34शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:09–11:57अभिजीत मुहूर्त
- 13:02–14:32लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:32–16:01अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:31 के बाद
- 17:31–19:01लाभ चौघड़िया
- 20:32–22:02शुभ चौघड़िया
- 22:02–23:33अमृत चौघड़िया
-
22:31–23:58अमृत कालमघा में
- 04:05–05:35 रविलाभ चौघड़िया
- 03:59–04:47 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:35–07:05कालअशुभ
- 07:05–08:34शुभ
- 08:34–10:04रोगअशुभ
- 10:04–11:33उद्वेगअशुभ
- 11:33–13:02चरसामान्य
- 13:02–14:32लाभयमगण्ड में
- 14:32–16:01अमृतशुभ
- 16:01–17:31कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:31–19:01लाभशुभ
- 19:01–20:32उद्वेगअशुभ
- 20:32–22:02शुभ
- 22:02–23:33अमृतशुभ
- 23:33–01:04 रविचरसामान्य
- 01:04–02:34 रविरोगअशुभ
- 02:34–04:05 रविकालअशुभ
- 04:05–05:35 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 13 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 03:59–04:47, शुभ
- काल, अशुभ, 05:35–07:05
- शुभ, 07:05–08:34
- रोग, अशुभ, 08:34–10:04
- उद्वेग, अशुभ, 10:04–11:33
- चर, सामान्य, 11:33–13:02
- लाभ, शुभ, 13:02–14:32
- अमृत, शुभ, 14:32–16:01
- काल, अशुभ, 16:01–17:31
- लाभ, शुभ, 17:31–19:01
- उद्वेग, अशुभ, 19:01–20:32
- शुभ, 20:32–22:02
- अमृत, शुभ, 22:02–23:33
- चर, सामान्य, 23:33–01:04 रवि
- रोग, अशुभ, 01:04–02:34 रवि
- काल, अशुभ, 02:34–04:05 रवि
- लाभ, शुभ, 04:05–05:35 रवि
- गुलिक काल, 05:35–07:05, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:35–06:23, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:23–07:11, अशुभ
- राहु काल, 08:34–10:04, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:09–11:57, शुभ
- यमगण्ड, 13:02–14:32, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:59–04:47 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में परमा एकादशी शनि 13 अक्टूबर को क्यों है?
परमा एकादशी शनि 13 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 13 अक्टूबर को सूर्योदय पर है, 05:35: शनि 13 अक्टूबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 19:10 शुक्र पर, उससे (03:59–05:35) पहले, समाप्त हुई।
शनि 13 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 305.9° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:35। दशमी उससे पहले 19:10 शुक्र पर समाप्त हुई। एकादशी 16:20 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 2 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 13 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:59–04:47
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:59–04:47।
शुक्र 12 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:31 शुक्र से सूर्योदय 05:35 तक थी, 12 घं 4 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 13 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:09–11:57
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:09–11:57।
शनि 13 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 05:35–06:23
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:35–06:23 और 06:23–07:11।
शनि 13 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:23–07:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:35–06:23 और 06:23–07:11।
यहाँ दिन, 05:35 से 17:31, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:35–06:23 और 06:23–07:11।
शनि 13 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:35–07:05 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:35 से 17:31, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:31 से 05:35 रवि, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 13 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 08:34–10:04
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:34–10:04।
शनि 13 अक्टूबर को यमगंड कब है? 13:02–14:32
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:02–14:32।
शनि 13 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 05:35–07:05
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:35–07:05।
यहाँ दिन 05:35 से 17:31 तक है, 11 घं 56 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 13 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:35
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:35, सूर्यास्त 17:31, 11 घं 56 मि का दिन।
शनि 13 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:31
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:35, सूर्यास्त 17:31, 11 घं 56 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 13 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? मघा
सूर्योदय पर चंद्रमा 121.6° पर था: मघा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 120° पर उसके पद 1 में आया। वह 00:42 रवि को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।
शनि 13 अक्टूबर को कौन सा योग है? शुभ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 297.3° थे: शुभ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 175.7° + 121.6° = 297.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 19:50 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।
शनि 13 अक्टूबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 305.9° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 05:48 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 16:20 तक।
शनि 13 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:35, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:35 से 05:35 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 13 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन (अधिक)
17 सितंबर और 17 अक्टूबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आश्विन।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 सितंबर 18:27 सोम से 17 अक्टूबर 03:23 बुध तक सूर्य कन्या में रहा; तुला में वह अमावस्या के बाद 17 अक्टूबर 12:37 बुध को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आश्विन है, जो आश्विन से पहले आता है।
शनि 13 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन (अधिक) है, और अमान्त गणना में आश्विन (अधिक)।
शनि 13 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2058 · शक 1923
विक्रम संवत 2058 25 मार्च 2001 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 2001, 09:21 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 195.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2058 गिनता है; शक संवत 1923।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 13 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:56 रवि
चंद्रमा यहाँ 02:56 रवि पर उदय होता है।
शनि 13 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:49
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:49 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:56 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:49 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:56 रवि पर उदय होगा।