Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग शनि 14 अप्रैल 2001
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
त्योहार
मेष संक्रांति
मेष संक्रांति शनि 14 अप्रैल को है: सूर्य रात में, 02:11 पर, मेष में प्रवेश करता है। शनि 14 अप्रैल क्यों?
मेष संक्रांति: Codcod में हर तारीख़14 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 14 अप्रैल
- 04:03–04:50ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:37 से
- 07:15–08:42शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:22–12:12अभिजीत मुहूर्त
- 13:20–14:52लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:52–16:25अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:58 के बाद
- 17:58–19:25लाभ चौघड़िया
- 20:52–22:20शुभ चौघड़िया
- 22:20–23:47अमृत चौघड़िया
- 04:09–05:36 रविलाभ चौघड़िया
- 04:03–04:50 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:37–07:09कालअशुभ
- 07:09–08:42शुभ
- 08:42–10:14रोगअशुभ
- 10:14–11:47उद्वेगअशुभ
- 11:47–13:20चरसामान्य
- 13:20–14:52लाभयमगण्ड में
- 14:52–16:25अमृतशुभ
- 16:25–17:58कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:58–19:25लाभशुभ
- 19:25–20:52उद्वेगअशुभ
- 20:52–22:20शुभ
- 22:20–23:47अमृतशुभ
- 23:47–01:14 रविचरसामान्य
- 01:14–02:41 रविरोगअशुभ
- 02:41–04:09 रविकालअशुभ
- 04:09–05:36 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 14 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:03–04:50, शुभ
- काल, अशुभ, 05:37–07:09
- शुभ, 07:09–08:42
- रोग, अशुभ, 08:42–10:14
- उद्वेग, अशुभ, 10:14–11:47
- चर, सामान्य, 11:47–13:20
- लाभ, शुभ, 13:20–14:52
- अमृत, शुभ, 14:52–16:25
- काल, अशुभ, 16:25–17:58
- लाभ, शुभ, 17:58–19:25
- उद्वेग, अशुभ, 19:25–20:52
- शुभ, 20:52–22:20
- अमृत, शुभ, 22:20–23:47
- चर, सामान्य, 23:47–01:14 रवि
- रोग, अशुभ, 01:14–02:41 रवि
- काल, अशुभ, 02:41–04:09 रवि
- लाभ, शुभ, 04:09–05:36 रवि
- गुलिक काल, 05:37–07:09, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:37–06:26, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:26–07:15, अशुभ
- राहु काल, 08:42–10:14, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:22–12:12, शुभ
- यमगण्ड, 13:20–14:52, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:03–04:50 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में मेष संक्रांति शनि 14 अप्रैल को क्यों है?
मेष संक्रांति शनि 14 अप्रैल को है: सूर्य रात में, 02:11 पर, मेष में प्रवेश करता है।
सूर्य 02:11 पर, सूर्यास्त (17:57 शुक्र) के बाद, मेष में प्रवेश करता है, इसलिए अगला दिन लिया जाता है: शनि 14 अप्रैल। मेष संक्रांति का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; संक्रांति Tithika की परिपाटी है।
शनि 14 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण षष्ठी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 250.7° आगे था: कृष्ण षष्ठी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 240°–252° इक्कीसवीं है, कृष्ण षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:37। पञ्चमी उससे पहले 06:57 शुक्र पर समाप्त हुई। षष्ठी 08:20 को समाप्त होगी, जब बढ़त 252° होगी। बढ़त 8 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में सप्तमी क्यों है?
नई दिल्ली में सप्तमी है, Codcod में षष्ठी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:57, षष्ठी की समाप्ति 05:50 के बाद हुआ: यह दिन सप्तमी है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 05:37, षष्ठी की समाप्ति 08:20 से पहले हुआ: यह दिन षष्ठी है।
शनि 14 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:03–04:50
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:03–04:50।
शुक्र 13 अप्रैल की रात सूर्यास्त 17:57 शुक्र से सूर्योदय 05:37 तक थी, 11 घं 40 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 14 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:22–12:12
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:22–12:12।
शनि 14 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 05:37–06:26
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:37–06:26 और 06:26–07:15।
शनि 14 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 06:26–07:15
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:37–06:26 और 06:26–07:15।
यहाँ दिन, 05:37 से 17:58, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:37–06:26 और 06:26–07:15।
शनि 14 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:37–07:09 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:37 से 17:58, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:58 से 05:36 रवि, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 14 अप्रैल को राहुकाल कब है? 08:42–10:14
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:42–10:14।
शनि 14 अप्रैल को यमगंड कब है? 13:20–14:52
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:20–14:52।
शनि 14 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 05:37–07:09
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:37–07:09।
यहाँ दिन 05:37 से 17:58 तक है, 12 घं 21 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 14 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 05:37
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:37, सूर्यास्त 17:58, 12 घं 21 मि का दिन।
शनि 14 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:37, सूर्यास्त 17:58, 12 घं 21 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 14 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 250.9° पर था: मूल, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 250° पर उसके पद 4 में आया। वह 10:28 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
शनि 14 अप्रैल को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 251° थे: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 0.1° + 250.9° = 251°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 09:51 को समाप्त होता है, फिर शिव।
शनि 14 अप्रैल को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 250.7° थी: षष्ठी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 19:33 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 246° हुई; वणिज 08:20 तक है।
शनि 14 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:37, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:37 से 05:36 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 14 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 25 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 23 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
शनि 14 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।
शनि 14 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2058 · शक 1923
विक्रम संवत 2058 25 मार्च 2001 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 2001, 09:21 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 19.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2058 गिनता है; शक संवत 1923।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 14 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 23:34
चंद्रमा यहाँ 23:34 पर उदय होता है।
शनि 14 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:30
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:30 पर अस्त हुआ; वह फिर 23:34 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:30 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 23:34 पर उदय होगा।