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Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग मंगल 17 जून 1997

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 06:43 तक

फिर द्वादशी · 06:52 बुध तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

निर्जला एकादशी

पारण समय
05:26⁠–⁠06:52 बुध
बुध 18 जून
व्रत आरंभ
05:25

निर्जला एकादशी मंगल 17 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। मंगल 17 जून क्यों?

निर्जला एकादशी: Codcod में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:55 05:25 18:10अगला सूर्योदय 05:26 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:25–07:01रोगअशुभ
  • 07:01–08:36उद्वेगअशुभ
  • 08:36–10:12चरसामान्य
  • 10:12–11:48लाभशुभ
  • 11:48–13:23अमृतगुलिक काल में
  • 13:23–14:59कालअशुभ
  • 14:59–16:34शुभराहु काल में
  • 16:34–18:10रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:10–19:34कालअशुभ
  • 19:34–20:59लाभशुभ
  • 20:59–22:23उद्वेगअशुभ
  • 22:23–23:48शुभ
  • 23:48–01:12 बुधअमृतशुभ
  • 01:12–02:37 बुधचरसामान्य
  • 02:37–04:01 बुधरोगअशुभ
  • 04:01–05:26 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 17 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:55–04:40, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:25–07:01
  • उद्वेग, अशुभ, 07:01–08:36
  • चर, सामान्य, 08:36–10:12
  • लाभ, शुभ, 10:12–11:48
  • अमृत, शुभ, 11:48–13:23
  • काल, अशुभ, 13:23–14:59
  • शुभ, 14:59–16:34
  • रोग, अशुभ, 16:34–18:10
  • काल, अशुभ, 18:10–19:34
  • लाभ, शुभ, 19:34–20:59
  • उद्वेग, अशुभ, 20:59–22:23
  • शुभ, 22:23–23:48
  • अमृत, शुभ, 23:48–01:12 बुध
  • चर, सामान्य, 01:12–02:37 बुध
  • रोग, अशुभ, 02:37–04:01 बुध
  • काल, अशुभ, 04:01–05:26 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 07:58–08:49, अशुभ
  • यमगण्ड, 08:36–10:12, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:22–12:13, शुभ
  • गुलिक काल, 11:48–13:23, अशुभ
  • राहु काल, 14:59–16:34, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:40–23:25, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:55–04:41 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Codcod में निर्जला एकादशी मंगल 17 जून को क्यों है?

निर्जला एकादशी मंगल 17 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

दशमी एकादशी 05:25 05:49 02:00 03:00 04:00 05:00 07:00 सोम 16 जून अरुणोदय 03:49–05:25
दशमी एकादशी 05:25 05:49 02:00 04:00 सोम 16 जून अरुणोदय 03:49–05:25
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 17 जून को सूर्योदय पर है, 05:25: मंगल 17 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 05:49 सोम पर, उससे (03:49–05:25) पहले, समाप्त हुई।

निर्जला एकादशी: Codcod में हर तारीख़

मंगल 17 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 131.4° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 131.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 131.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:25। दशमी उससे पहले 05:49 सोम पर समाप्त हुई। एकादशी 06:43 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 5 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?

नई दिल्ली में द्वादशी है, Codcod में एकादशी।

एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी मंगल 17 जून सुबह बुध 18 जून सुबह नई दिल्ली IST Codcod UTC+8 04:13 06:43 04:22 06:52 05:23 द्वादशी 05:23 त्रयोदशी 05:25 एकादशी 05:26 द्वादशी
एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी मंगल 17 जून सुबह बुध 18 जून सुबह नई दिल्ली IST Codcod UTC+8 04:13 06:43 04:22 06:52 05:23 द्वादशी 05:23 त्रयोदशी 05:25 एकादशी 05:26 द्वादशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:23, एकादशी की समाप्ति 04:13 के बाद हुआ: यह दिन द्वादशी है।

Codcod · UTC+8

यहाँ सूर्योदय, 05:25, एकादशी की समाप्ति 06:43 से पहले हुआ: यह दिन एकादशी है।

मंगल 17 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:55–04:40

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:55–04:40।

सूर्यास्त 18:09 सोम सूर्योदय 05:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 16 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:09 सोम सूर्योदय 05:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 16 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 16 जून की रात सूर्यास्त 18:09 सोम से सूर्योदय 05:25 तक थी, 11 घं 16 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 17 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:22–12:13

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:22–12:13।

मंगल 17 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 07:58–08:49

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:58–08:49, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:40–23:25।

मंगल 17 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 22:40–23:25

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:58–08:49, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:40–23:25।

सूर्योदय 05:25 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:25 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:25 से 18:10, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 07:58–08:49 और 22:40–23:25।

मंगल 17 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:25–07:01 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:25 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:25 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:25 से 18:10, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:10 से 05:26 बुध, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 17 जून को राहुकाल कब है? 14:59–16:34

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:59–16:34।

मंगल 17 जून को यमगंड कब है? 08:36–10:12

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:36–10:12।

मंगल 17 जून को गुलिक काल कब है? 11:48–13:23

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:48–13:23।

सूर्योदय 05:25 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:25 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:25 से 18:10 तक है, 12 घं 45 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 17 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:25

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:25, सूर्यास्त 18:10, 12 घं 45 मि का दिन।

मंगल 17 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:10

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:25, सूर्यास्त 18:10, 12 घं 45 मि का दिन।

सूर्योदय 05:25 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:01 बुध चंद्रोदय 14:58
सूर्योदय 05:25 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:01 बुध चंद्रोदय 14:58
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 17 जून को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 193.3° पर था: स्वाती, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 193.3° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 193.3° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 190° पर उसके पद 2 में आया। वह 18:01 को निकलेगा, विशाखा में।

मंगल 17 जून को कौन सा योग है? शिव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 255.2° थे: शिव।

सूर्य 61.9° + चंद्रमा 193.3° = 255.2° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 61.9° + चंद्रमा 193.3° = 255.2° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 61.9° + 193.3° = 255.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 01:20 बुध को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।

मंगल 17 जून को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 131.4° थी: एकादशी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 131.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 131.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 18:21 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 126° हुई; विष्टि 06:43 तक है।

मंगल 17 जून को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:25, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:25 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:25 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:25 से 05:26 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 17 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 5 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 5 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

मंगल 17 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल मंगल 17 जून पूर्णिमा 22 मई अमावस्या 5 जून पूर्णिमा 21 जून अमावस्या 5 जुल॰
अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल मंगल 17 जून पूर्णिमा 22 मई अमावस्या 5 जून पूर्णिमा 21 जून अमावस्या 5 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 जून की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।

मंगल 17 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2054 · शक 1919

विक्रम संवत 2054 7 अप्रैल 1997 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 1997 19:01 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 17 जून सूर्य 61.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 1997 19:01 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 17 जून सूर्य 61.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 1997, 19:01 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 68° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2054 गिनता है; शक संवत 1919।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 17 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:58

चंद्रमा यहाँ 14:58 पर उदय होता है।

मंगल 17 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:01 बुध

सूर्योदय 05:25 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:01 बुध चंद्रोदय 14:58
सूर्योदय 05:25 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:01 बुध चंद्रोदय 14:58
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:58 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:01 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:58 पर उदय हुआ; वह फिर 03:01 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।