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English

Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग सोम 14 जनवरी 1985

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में

अष्टमी

कृष्ण पक्ष · 18:28 तक

फिर नवमी · 16:40 मंगल तक

त्योहार

मकर संक्रांति

पुण्य काल
06:09⁠–⁠21:12

मकर संक्रांति सोम 14 जनवरी को है: सूर्य रात में, 05:12 पर, मकर में प्रवेश करता है। सोम 14 जनवरी क्यों?

मकर संक्रांति: Codcod में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:29 06:09 17:43अगला सूर्योदय 06:09 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:09–07:35अमृतशुभ
  • 07:35–09:02कालअशुभ
  • 09:02–10:29शुभ
  • 10:29–11:56रोगअशुभ
  • 11:56–13:23उद्वेगअशुभ
  • 13:23–14:49चरसामान्य
  • 14:49–16:16लाभशुभ
  • 16:16–17:43अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:43–19:16चरसामान्य
  • 19:16–20:49रोगअशुभ
  • 20:49–22:23कालअशुभ
  • 22:23–23:56लाभशुभ
  • 23:56–01:29 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:29–03:02 मंगलशुभ
  • 03:02–04:36 मंगलअमृतशुभ
  • 04:36–06:09 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 14 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:29–05:19, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:09–07:35
  • काल, अशुभ, 07:35–09:02
  • शुभ, 09:02–10:29
  • रोग, अशुभ, 10:29–11:56
  • उद्वेग, अशुभ, 11:56–13:23
  • चर, सामान्य, 13:23–14:49
  • लाभ, शुभ, 14:49–16:16
  • अमृत, शुभ, 16:16–17:43
  • चर, सामान्य, 17:43–19:16
  • रोग, अशुभ, 19:16–20:49
  • काल, अशुभ, 20:49–22:23
  • लाभ, शुभ, 22:23–23:56
  • उद्वेग, अशुभ, 23:56–01:29 मंगल
  • शुभ, 01:29–03:02 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:02–04:36 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:36–06:09 मंगल
  • राहु काल, 07:35–09:02, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:29–11:56, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:33–12:19, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:19–13:05, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:23–14:49, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:38–15:24, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:29–05:19 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Codcod में मकर संक्रांति सोम 14 जनवरी को क्यों है?

मकर संक्रांति सोम 14 जनवरी को है: सूर्य रात में, 05:12 पर, मकर में प्रवेश करता है।

1 2 3 4 5 6 7 8 धनु मकर 11 12 0° 270° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 धनु मकर 11 12 0° 270° पृथ्वी
वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी; तारे स्थिर (निरयन, लाहिड़ी)। पास से: एक ही घड़ी पर (UTC+8) सूर्य का पथ: ऊपर उसकी राशि, नीचे दिन और रात। सूर्य: हर सूर्योदय पर, अपने भोगांश के साथ, और जहाँ वह प्रवेश करता है। खाना: पुण्य काल।

सूर्य 05:12 पर, सूर्यास्त (17:42 रवि) के बाद रात में, मकर में प्रवेश करता है। तब धर्मसिंधु पुण्य काल अगले दिन रखता है: सोम 14 जनवरी।

मकर संक्रांति: Codcod में हर तारीख़

सोम 14 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण अष्टमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 269.3° आगे था: कृष्ण अष्टमी।

सूर्य अमावस्या 0° 269.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 269.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 264°–276° तेईसवीं है, कृष्ण अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:09। सप्तमी उससे पहले 20:26 रवि पर समाप्त हुई। अष्टमी 18:28 को समाप्त होगी, जब बढ़त 276° होगी। बढ़त 7 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 14 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:29–05:19

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:29–05:19।

सूर्यास्त 17:42 रवि सूर्योदय 06:09 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 13 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:42 रवि सूर्योदय 06:09 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 13 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 13 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:42 रवि से सूर्योदय 06:09 तक थी, 12 घं 27 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 14 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:33–12:19

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:33–12:19।

सोम 14 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:19–13:05

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:19–13:05 और 14:38–15:24।

सोम 14 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 14:38–15:24

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:19–13:05 और 14:38–15:24।

सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 17:43 सूर्योदय 06:09 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 17:43 सूर्योदय 06:09 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:09 से 17:43, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:19–13:05 और 14:38–15:24।

सोम 14 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:09–07:35 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 17:43 सूर्योदय 06:09 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 17:43 सूर्योदय 06:09 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:09 से 17:43, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:43 से 06:09 मंगल, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 14 जनवरी को राहुकाल कब है? 07:35–09:02

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:35–09:02।

सोम 14 जनवरी को यमगंड कब है? 10:29–11:56

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:29–11:56।

सोम 14 जनवरी को गुलिक काल कब है? 13:23–14:49

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:23–14:49।

सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 17:43 सूर्योदय 06:09 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 17:43 सूर्योदय 06:09 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:09 से 17:43 तक है, 11 घं 34 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 14 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:09

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 17:43, 11 घं 34 मि का दिन।

सोम 14 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:43

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 17:43, 11 घं 34 मि का दिन।

सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 17:43 सूर्योदय 06:09 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 11:47 चंद्रोदय 00:28 मंगल
सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 17:43 सूर्योदय 06:09 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 11:47 चंद्रोदय 00:28 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 14 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 179.3° पर था: चित्रा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 179.3° अगला: स्वाती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 179.3° अगला: स्वाती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 176°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 18:39 को निकलेगा, स्वाती में।

सोम 14 जनवरी को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 449.3° थे, एक चक्कर और 89.3°: सुकर्मा।

सूर्य 270.0° + चंद्रमा 179.3° = 449.3° एक चक्कर + 89.3° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 270.0° + चंद्रमा 179.3° = 449.3° एक चक्कर + 89.3° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 270° + 179.3° = 449.3°, एक पूरा चक्कर और 89.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 12:26 को समाप्त होता है, फिर धृति।

सोम 14 जनवरी को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 269.3° थी: अष्टमी का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 269.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° बालव 264°–270° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 269.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° बालव 264°–270° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 07:26 तक है, जब बढ़त 270° होगी; कौलव 18:28 तक।

सोम 14 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:09, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 17:43 सूर्योदय 06:09 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 17:43 सूर्योदय 06:09 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:09 से 06:09 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 14 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 22 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 21 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

सोम 14 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल सोम 14 जनवरी अमावस्या 22 दिस॰ पूर्णिमा 7 जन॰ अमावस्या 21 जन॰ पूर्णिमा 5 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल सोम 14 जनवरी अमावस्या 22 दिस॰ पूर्णिमा 7 जन॰ अमावस्या 21 जन॰ पूर्णिमा 5 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।

सोम 14 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2041 · शक 1906

विक्रम संवत 2041 1 अप्रैल 1984 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1984 20:09 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 14 जनवरी सूर्य 270.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1984 20:09 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 14 जनवरी सूर्य 270.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 1984, 20:09 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 281.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2041 गिनता है; शक संवत 1906।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 14 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:28 मंगल

चंद्रमा यहाँ 00:28 मंगल पर उदय होता है।

सोम 14 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 11:47

सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 17:43 सूर्योदय 06:09 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 11:47 चंद्रोदय 00:28 मंगल
सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 17:43 सूर्योदय 06:09 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 11:47 चंद्रोदय 00:28 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:47 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:28 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:47 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:28 मंगल पर उदय होगा।