Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग शनि 9 जनवरी 1982
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
शुक्ल पक्ष · 07:11 तक
फिर पूर्णिमा · 03:52 रवि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं कारण जानेंव्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा शनि 9 जनवरी को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। शनि 9 जनवरी क्यों?
पूर्णिमा: Codcod में हर तारीख़9 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 9 जनवरी
- 04:28–05:17ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:07 से
- 07:40–09:00शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
10:27–11:19अमृत कालराहु काल छोड़कर · आर्द्रा में
- 11:31–12:17अभिजीत मुहूर्त
- 13:20–14:47लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:47–16:14अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:40 के बाद
- 17:40–19:14लाभ चौघड़िया
- 20:47–22:20शुभ चौघड़िया
- 22:20–23:54अमृत चौघड़िया
- 04:34–06:08 रविलाभ चौघड़िया
- 04:28–05:18 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:07–07:34कालअशुभ
- 07:34–09:00शुभ
- 09:00–10:27रोगअशुभ
- 10:27–11:54उद्वेगअशुभ
- 11:54–13:20चरसामान्य
- 13:20–14:47लाभयमगण्ड में
- 14:47–16:14अमृतशुभ
- 16:14–17:40कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:40–19:14लाभशुभ
- 19:14–20:47उद्वेगअशुभ
- 20:47–22:20शुभ
- 22:20–23:54अमृतशुभ
- 23:54–01:27 रविचरसामान्य
- 01:27–03:01 रविरोगअशुभ
- 03:01–04:34 रविकालअशुभ
- 04:34–06:08 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 9 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:17, शुभ
- काल, अशुभ, 06:07–07:34
- शुभ, 07:34–09:00
- रोग, अशुभ, 09:00–10:27
- उद्वेग, अशुभ, 10:27–11:54
- चर, सामान्य, 11:54–13:20
- लाभ, शुभ, 13:20–14:47
- अमृत, शुभ, 14:47–16:14
- काल, अशुभ, 16:14–17:40
- लाभ, शुभ, 17:40–19:14
- उद्वेग, अशुभ, 19:14–20:47
- शुभ, 20:47–22:20
- अमृत, शुभ, 22:20–23:54
- चर, सामान्य, 23:54–01:27 रवि
- रोग, अशुभ, 01:27–03:01 रवि
- काल, अशुभ, 03:01–04:34 रवि
- लाभ, शुभ, 04:34–06:08 रवि
- गुलिक काल, 06:07–07:34, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:07–06:53, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:53–07:40, अशुभ
- राहु काल, 09:00–10:27, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:31–12:17, शुभ
- यमगण्ड, 13:20–14:47, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:18 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में पूर्णिमा शनि 9 जनवरी को क्यों है?
पूर्णिमा शनि 9 जनवरी को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शनि 9 जनवरी को 07:11 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और रवि 10 जनवरी को 03:52 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: शनि 9 जनवरी। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 9 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 167.4° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:07। त्रयोदशी उससे पहले 10:36 शुक्र पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:11 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 26 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
पूर्णिमा क्षय क्यों है?
पूर्णिमा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 07:11 को शुरू हुई और 03:52 रवि को समाप्त, 06:07 और 06:08 रवि के सूर्योदयों के बीच। शनिवार को चतुर्दशी है और रविवार को प्रतिपदा: पूर्णिमा यहाँ क्षय तिथि है।
नई दिल्ली में पूर्णिमा क्यों है?
नई दिल्ली में पूर्णिमा है, Codcod में चतुर्दशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:15, चतुर्दशी की समाप्ति 04:41 के बाद हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 06:07, चतुर्दशी की समाप्ति 07:11 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है। पूर्णिमा अगले सूर्योदय से पहले, 03:52 रवि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता: वह क्षय है।
शनि 9 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:28–05:17
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:28–05:17।
शुक्र 8 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:40 शुक्र से सूर्योदय 06:07 तक थी, 12 घं 27 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 9 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:31–12:17
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:31–12:17।
शनि 9 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 06:07–06:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:07–06:53 और 06:53–07:40।
शनि 9 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 06:53–07:40
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:07–06:53 और 06:53–07:40।
यहाँ दिन, 06:07 से 17:40, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:07–06:53 और 06:53–07:40।
शनि 9 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:07–07:34 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:07 से 17:40, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:40 से 06:08 रवि, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 9 जनवरी को राहुकाल कब है? 09:00–10:27
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:00–10:27।
शनि 9 जनवरी को यमगंड कब है? 13:20–14:47
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:20–14:47।
शनि 9 जनवरी को गुलिक काल कब है? 06:07–07:34
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:07–07:34।
यहाँ दिन 06:07 से 17:40 तक है, 11 घं 33 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 9 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 17:40, 11 घं 33 मि का दिन।
शनि 9 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:40
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 17:40, 11 घं 33 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 9 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 72.1° पर था: आर्द्रा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 70° पर उसके पद 2 में आया। वह 18:48 को निकलेगा, पुनर्वसु में।
शनि 9 जनवरी को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 336.8° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 264.7° + 72.1° = 336.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 20:56 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
शनि 9 जनवरी को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 167.4° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 20:53 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 07:11 तक है।
शनि 9 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:07, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:07 से 06:08 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 9 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 26 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 25 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
शनि 9 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
शनि 9 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2038 · शक 1903
विक्रम संवत 2038 5 अप्रैल 1981 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 5 अप्रैल 1981, 04:19 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 273.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2038 गिनता है; शक संवत 1903।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 9 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:10
चंद्रमा यहाँ 17:10 पर उदय होता है।
चंद्रमा 17:10 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।