Chahārbāgh, अल्बोर्ज़ प्रांत, ईरान का पंचांग सोम 30 जनवरी 2034
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3:30 में
व्रत
जया एकादशी
जया एकादशी सोम 30 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। सोम 30 जनवरी क्यों?
जया एकादशी: Chahārbāgh में हर तारीख़30 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 30 जनवरी
- 05:19–06:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:08 से
- 07:08–08:26अमृत चौघड़िया
- 09:44–11:02शुभ चौघड़िया
- 12:20–12:40अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:27–16:13लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:13–17:31अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:31 के बाद
- 22:37–00:19 मंगललाभ चौघड़िया
-
23:25–00:58 मंगलअमृत कालमृगशिरा में
- 02:01–03:43 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:43–05:25 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:19–06:13 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:08–08:26अमृतशुभ
- 08:26–09:44कालअशुभ
- 09:44–11:02शुभ
- 11:02–12:20रोगअशुभ
- 12:20–13:38उद्वेगअशुभ
- 13:38–14:56चरसामान्य
- 14:56–16:13लाभशुभ
- 16:13–17:31अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:31–19:13चरसामान्य
- 19:13–20:55रोगअशुभ
- 20:55–22:37कालअशुभ
- 22:37–00:19 मंगललाभशुभ
- 00:19–02:01 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:01–03:43 मंगलशुभ
- 03:43–05:25 मंगलअमृतशुभ
- 05:25–07:07 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 30 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:19–06:14, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:08–08:26
- काल, अशुभ, 08:26–09:44
- शुभ, 09:44–11:02
- रोग, अशुभ, 11:02–12:20
- उद्वेग, अशुभ, 12:20–13:38
- चर, सामान्य, 13:38–14:56
- लाभ, शुभ, 14:56–16:13
- अमृत, शुभ, 16:13–17:31
- चर, सामान्य, 17:31–19:13
- रोग, अशुभ, 19:13–20:55
- काल, अशुभ, 20:55–22:37
- लाभ, शुभ, 22:37–00:19 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:19–02:01 मंगल
- शुभ, 02:01–03:43 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:43–05:25 मंगल
- चर, सामान्य, 05:25–07:07 मंगल
- राहु काल, 08:26–09:44, अशुभ
- यमगण्ड, 11:02–12:20, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:59–12:40, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:40–13:22, अशुभ
- गुलिक काल, 13:38–14:56, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:45–15:27, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:19–06:13 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Chahārbāgh में जया एकादशी सोम 30 जनवरी को क्यों है?
जया एकादशी सोम 30 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 30 जनवरी को सूर्योदय पर है, 07:08: सोम 30 जनवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 19:17 रवि पर, उससे (05:32–07:08) पहले, समाप्त हुई।
सोम 30 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 126.4° आगे था: शुक्ल एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:08। दशमी उससे पहले 19:17 रवि पर समाप्त हुई। एकादशी 17:35 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 20 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 30 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:19–06:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:19–06:14।
रवि 29 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:30 रवि से सूर्योदय 07:08 तक थी, 13 घं 38 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 30 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:59–12:40
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:59–12:40।
सोम 30 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:40–13:22
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:40–13:22 और 14:45–15:27।
सोम 30 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 14:45–15:27
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:40–13:22 और 14:45–15:27।
यहाँ दिन, 07:08 से 17:31, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:40–13:22 और 14:45–15:27।
सोम 30 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:08–08:26 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:08 से 17:31, 1 घं 17 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:31 से 07:07 मंगल, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 30 जनवरी को राहुकाल कब है? 08:26–09:44
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:26–09:44।
सोम 30 जनवरी को यमगंड कब है? 11:02–12:20
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:02–12:20।
सोम 30 जनवरी को गुलिक काल कब है? 13:38–14:56
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:38–14:56।
यहाँ दिन 07:08 से 17:31 तक है, 10 घं 23 मि। इसे 1 घं 17 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 30 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:08
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:08, सूर्यास्त 17:31, 10 घं 23 मि का दिन।
सोम 30 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:31
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:08, सूर्यास्त 17:31, 10 घं 23 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 30 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 52.4° पर था: रोहिणी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 50° पर उसके पद 4 में आया। वह 08:48 को निकलेगा, मृगशिरा में।
सोम 30 जनवरी को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 338.4° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 286° + 52.4° = 338.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 20:33 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
सोम 30 जनवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 126.4° थी: एकादशी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 06:24 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 126° हुई; विष्टि 17:35 तक है।
सोम 30 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:08, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:08 से 07:07 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 30 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 20 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 19 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
सोम 30 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।
सोम 30 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955
विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 21:21 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 300° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 30 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 13:54
चंद्रमा यहाँ 13:54 पर उदय होता है।
सोम 30 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:15 मंगल
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:54 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:15 मंगल पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:54 पर उदय हुआ; वह फिर 04:15 मंगल पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।