Chahārbāgh, अल्बोर्ज़ प्रांत, ईरान का पंचांग सोम 2 जनवरी 2034
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3:30 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत सोम 2 जनवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। सोम 2 जनवरी क्यों?
प्रदोष व्रत: Chahārbāgh में हर तारीख़व्रत का पारण
पौष पुत्रदा एकादशी
2 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 2 जनवरी
- 05:23–06:20ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:16 से
- 07:16–08:30अमृत चौघड़िया
- 09:43–10:57शुभ चौघड़िया
- 12:10–12:30अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:07–15:51लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 15:51–17:04अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:04 के बाद
- 22:24–00:10 मंगललाभ चौघड़िया
-
22:45–00:14 मंगलअमृत कालरोहिणी में
- 01:57–03:44 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:44–05:30 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:23–06:20 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:16–08:30अमृतशुभ
- 08:30–09:43कालअशुभ
- 09:43–10:57शुभ
- 10:57–12:10रोगअशुभ
- 12:10–13:24उद्वेगअशुभ
- 13:24–14:37चरसामान्य
- 14:37–15:51लाभशुभ
- 15:51–17:04अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:04–18:51चरसामान्य
- 18:51–20:37रोगअशुभ
- 20:37–22:24कालअशुभ
- 22:24–00:10 मंगललाभशुभ
- 00:10–01:57 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:57–03:44 मंगलशुभ
- 03:44–05:30 मंगलअमृतशुभ
- 05:30–07:17 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 2 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:23–06:20, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:16–08:30
- काल, अशुभ, 08:30–09:43
- शुभ, 09:43–10:57
- रोग, अशुभ, 10:57–12:10
- उद्वेग, अशुभ, 12:10–13:24
- चर, सामान्य, 13:24–14:37
- लाभ, शुभ, 14:37–15:51
- अमृत, शुभ, 15:51–17:04
- चर, सामान्य, 17:04–18:51
- रोग, अशुभ, 18:51–20:37
- काल, अशुभ, 20:37–22:24
- लाभ, शुभ, 22:24–00:10 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:10–01:57 मंगल
- शुभ, 01:57–03:44 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:44–05:30 मंगल
- चर, सामान्य, 05:30–07:17 मंगल
- राहु काल, 08:30–09:43, अशुभ
- यमगण्ड, 10:57–12:10, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:51–12:30, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:30–13:09, अशुभ
- गुलिक काल, 13:24–14:37, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:27–15:07, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:23–06:20 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Chahārbāgh में प्रदोष व्रत सोम 2 जनवरी को क्यों है?
प्रदोष व्रत सोम 2 जनवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी सोम 2 जनवरी को 05:46 से मंगल 3 जनवरी को 03:23 तक है, इसलिए केवल सोमवार का प्रदोष काल (17:04–19:55) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
सोम 2 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 144.8° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:16। द्वादशी उससे पहले 05:46 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 03:23 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 21 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, Chahārbāgh में त्रयोदशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:14, द्वादशी की समाप्ति 07:46 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है। त्रयोदशी अगले सूर्योदय से पहले, 05:23 मंगल को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता: वह क्षय है।
Chahārbāgh · UTC+3:30
यहाँ सूर्योदय, 07:16, द्वादशी की समाप्ति 05:46 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
सोम 2 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:23–06:20
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:23–06:20।
रवि 1 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:03 रवि से सूर्योदय 07:16 तक थी, 14 घं 13 मि। इसे 56 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 2 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:51–12:30
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:51–12:30।
सोम 2 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:30–13:09
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:30–13:09 और 14:27–15:07।
सोम 2 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 14:27–15:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:30–13:09 और 14:27–15:07।
यहाँ दिन, 07:16 से 17:04, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 39 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:30–13:09 और 14:27–15:07।
सोम 2 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:16–08:30 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:16 से 17:04, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:04 से 07:17 मंगल, 1 घं 46 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 2 जनवरी को राहुकाल कब है? 08:30–09:43
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:30–09:43।
सोम 2 जनवरी को यमगंड कब है? 10:57–12:10
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:57–12:10।
सोम 2 जनवरी को गुलिक काल कब है? 13:24–14:37
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:24–14:37।
यहाँ दिन 07:16 से 17:04 तक है, 9 घं 48 मि। इसे 1 घं 13 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 2 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:16
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:16, सूर्यास्त 17:04, 9 घं 48 मि का दिन।
सोम 2 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:16, सूर्यास्त 17:04, 9 घं 48 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 2 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 42.3° पर था: रोहिणी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 40° पर उसके पद 1 में आया। वह 01:43 मंगल को निकलेगा, मृगशिरा में।
सोम 2 जनवरी को कौन सा योग है? शुभ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 299.8° थे: शुभ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 257.5° + 42.3° = 299.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 18:02 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।
सोम 2 जनवरी को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 144.8° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 16:34 तक है, जब बढ़त 150° होगी; तैतिल 03:23 मंगल तक।
सोम 2 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:16, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:16 से 07:17 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 2 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 21 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 20 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
सोम 2 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
सोम 2 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955
विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 21:21 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 271.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 2 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:07
चंद्रमा यहाँ 15:07 पर उदय होता है।
सोम 2 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:27 मंगल
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:07 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:27 मंगल पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:07 पर उदय हुआ; वह फिर 05:27 मंगल पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।