tithika
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Chahārbāgh, अल्बोर्ज़ प्रांत, ईरान का पंचांग मंगल 8 फ़रवरी 2028

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3:30 में

त्रयोदशी

शुक्ल पक्ष · 01:46 बुध तक

फिर चतुर्दशी · 22:17 बुध तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
17:40⁠–⁠20:20
प्रदोष काल 17:40⁠–⁠20:20

प्रदोष व्रत मंगल 8 फ़रवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। मंगल 8 फ़रवरी क्यों?

प्रदोष व्रत: Chahārbāgh में हर तारीख़

व्रत का पारण

जया एकादशी

पारण मंगल 8 फ़रवरी, 07:01 से सूर्यास्त 17:40 तक
जया एकादशी: Chahārbāgh में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:14 07:01 17:40अगला सूर्योदय 07:00 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:01–08:21रोगअशुभ
  • 08:21–09:41उद्वेगअशुभ
  • 09:41–11:01चरसामान्य
  • 11:01–12:21लाभशुभ
  • 12:21–13:41अमृतगुलिक काल में
  • 13:41–15:00कालअशुभ
  • 15:00–16:20शुभराहु काल में
  • 16:20–17:40रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:40–19:20कालअशुभ
  • 19:20–21:00लाभशुभ
  • 21:00–22:40उद्वेगअशुभ
  • 22:40–00:20 बुधशुभ
  • 00:20–02:00 बुधअमृतशुभ
  • 02:00–03:40 बुधचरसामान्य
  • 03:40–05:20 बुधरोगअशुभ
  • 05:20–07:00 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 8 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:14–06:08, शुभ
  • रोग, अशुभ, 07:01–08:21
  • उद्वेग, अशुभ, 08:21–09:41
  • चर, सामान्य, 09:41–11:01
  • लाभ, शुभ, 11:01–12:21
  • अमृत, शुभ, 12:21–13:41
  • काल, अशुभ, 13:41–15:00
  • शुभ, 15:00–16:20
  • रोग, अशुभ, 16:20–17:40
  • काल, अशुभ, 17:40–19:20
  • लाभ, शुभ, 19:20–21:00
  • उद्वेग, अशुभ, 21:00–22:40
  • शुभ, 22:40–00:20 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:20–02:00 बुध
  • चर, सामान्य, 02:00–03:40 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:40–05:20 बुध
  • काल, अशुभ, 05:20–07:00 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 09:09–09:52, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:41–11:01, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:59–12:42, शुभ
  • गुलिक काल, 12:21–13:41, अशुभ
  • राहु काल, 15:00–16:20, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:00–23:53, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:14–06:07 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Chahārbāgh में प्रदोष व्रत मंगल 8 फ़रवरी को क्यों है?

प्रदोष व्रत मंगल 8 फ़रवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 16:00 18:00 20:00 22:00 सोम 7 फ़रवरी प्रदोष काल 17:39–20:20
द्वादशी 16:00 18:00 20:00 22:00 सोम 7 फ़रवरी प्रदोष काल 17:39–20:20
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3:30)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 8 फ़रवरी को 04:52 से बुध 9 फ़रवरी को 01:46 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (17:40–20:20) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Chahārbāgh में हर तारीख़

मंगल 8 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 145.2° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 145.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 145.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:01। द्वादशी उससे पहले 04:52 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 01:46 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 26 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

मंगल 8 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:14–06:08

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:14–06:08।

सूर्यास्त 17:39 सोम सूर्योदय 07:01 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 7 फ़रवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:39 सोम सूर्योदय 07:01 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 7 फ़रवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 7 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:39 सोम से सूर्योदय 07:01 तक थी, 13 घं 22 मि। इसे 53 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 8 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:59–12:42

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:59–12:42।

मंगल 8 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:09–09:52

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:09–09:52, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:00–23:53।

मंगल 8 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 23:00–23:53

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:09–09:52, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:00–23:53।

सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 17:40 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 17:40 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 07:01 से 17:40, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 42 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:09–09:52 और 23:00–23:53।

मंगल 8 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:01–08:21 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 17:40 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 17:40 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:01 से 17:40, 1 घं 19 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:40 से 07:00 बुध, 1 घं 40 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 8 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 15:00–16:20

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:00–16:20।

मंगल 8 फ़रवरी को यमगंड कब है? 09:41–11:01

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:41–11:01।

मंगल 8 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 12:21–13:41

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:21–13:41।

सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 17:40 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 17:40 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 07:01 से 17:40 तक है, 10 घं 39 मि। इसे 1 घं 19 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 8 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:01

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:01, सूर्यास्त 17:40, 10 घं 39 मि का दिन।

मंगल 8 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:40

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:01, सूर्यास्त 17:40, 10 घं 39 मि का दिन।

सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 17:40 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:56 बुध चंद्रोदय 15:06
सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 17:40 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:56 बुध चंद्रोदय 15:06
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 8 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 79.9° पर था: आर्द्रा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 79.9° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 79.9° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 76°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:15 को निकलेगा, पुनर्वसु में।

मंगल 8 फ़रवरी को कौन सा योग है? प्रीति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 374.5° थे, एक चक्कर और 14.5°: प्रीति।

सूर्य 294.6° + चंद्रमा 79.9° = 374.5° एक चक्कर + 14.5° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 294.6° + चंद्रमा 79.9° = 374.5° एक चक्कर + 14.5° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 294.6° + 79.9° = 374.5°, एक पूरा चक्कर और 14.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 01:30 बुध को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।

मंगल 8 फ़रवरी को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 145.2° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 145.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° कौलव 144°–150° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 145.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° कौलव 144°–150° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 15:23 तक है, जब बढ़त 150° होगी; तैतिल 01:46 बुध तक।

मंगल 8 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:01, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 17:40 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 17:40 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:01 से 07:00 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 8 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 26 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 25 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

मंगल 8 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल मंगल 8 फ़रवरी पूर्णिमा 12 जन॰ अमावस्या 26 जन॰ पूर्णिमा 10 फ़र॰ अमावस्या 25 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल मंगल 8 फ़रवरी पूर्णिमा 12 जन॰ अमावस्या 26 जन॰ पूर्णिमा 10 फ़र॰ अमावस्या 25 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।

मंगल 8 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949

विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 03:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 8 फ़रवरी सूर्य 294.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 03:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 8 फ़रवरी सूर्य 294.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2027, 03:21 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 301.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 8 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:06

चंद्रमा यहाँ 15:06 पर उदय होता है।

मंगल 8 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:56 बुध

सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 17:40 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:56 बुध चंद्रोदय 15:06
सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 17:40 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:56 बुध चंद्रोदय 15:06
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:06 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:56 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:06 पर उदय हुआ; वह फिर 05:56 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।