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Chahārbāgh, अल्बोर्ज़ प्रांत, ईरान का पंचांग गुरु 7 मई 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3:30 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:47 05:08 18:58अगला सूर्योदय 05:07 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:08–06:52शुभयमगण्ड में
  • 06:52–08:36रोगअशुभ
  • 08:36–10:19उद्वेगअशुभ
  • 10:19–12:03चरसामान्य
  • 12:03–13:47लाभशुभ
  • 13:47–15:31अमृतराहु काल में
  • 15:31–17:14कालअशुभ
  • 17:14–18:58शुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:58–20:14अमृतशुभ
  • 20:14–21:30चरसामान्य
  • 21:30–22:46रोगअशुभ
  • 22:46–00:03 शुक्रकालअशुभ
  • 00:03–01:19 शुक्रलाभशुभ
  • 01:19–02:35 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 02:35–03:51 शुक्रशुभ
  • 03:51–05:07 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 7 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:47–04:27, शुभ
  • शुभ, 05:08–06:52
  • रोग, अशुभ, 06:52–08:36
  • उद्वेग, अशुभ, 08:36–10:19
  • चर, सामान्य, 10:19–12:03
  • लाभ, शुभ, 12:03–13:47
  • अमृत, शुभ, 13:47–15:31
  • काल, अशुभ, 15:31–17:14
  • शुभ, 17:14–18:58
  • अमृत, शुभ, 18:58–20:14
  • चर, सामान्य, 20:14–21:30
  • रोग, अशुभ, 21:30–22:46
  • काल, अशुभ, 22:46–00:03 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:03–01:19 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:19–02:35 शुक्र
  • शुभ, 02:35–03:51 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 03:51–05:07 शुक्र
  • यमगण्ड, 05:08–06:52, अशुभ
  • गुलिक काल, 08:36–10:19, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:45–10:40, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:35–12:31, शुभ
  • राहु काल, 13:47–15:31, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:17–16:12, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:46–04:27 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 7 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण पञ्चमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 238.6° आगे था: कृष्ण पञ्चमी।

सूर्य अमावस्या 0° 238.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 238.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 228°–240° बीसवीं है, कृष्ण पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:08। चतुर्थी उससे पहले 05:51 बुध पर समाप्त हुई। पञ्चमी 08:14 को समाप्त होगी, जब बढ़त 240° होगी। बढ़त 1 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

गुरु 7 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:47–04:27

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:47–04:27।

सूर्यास्त 18:57 बुध सूर्योदय 05:08 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 6 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:57 बुध सूर्योदय 05:08 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 6 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 6 मई की रात सूर्यास्त 18:57 बुध से सूर्योदय 05:08 तक थी, 10 घं 11 मि। इसे 40 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 7 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:35–12:31

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:35–12:31।

गुरु 7 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 09:45–10:40

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:45–10:40 और 15:17–16:12।

गुरु 7 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 15:17–16:12

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:45–10:40 और 15:17–16:12।

सूर्योदय 05:08 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 05:08 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 05:08 से 18:58, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 55 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:45–10:40 और 15:17–16:12।

गुरु 7 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:08–06:52 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:08 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 05:08 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:08 से 18:58, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:58 से 05:07 शुक्र, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 7 मई को राहुकाल कब है? 13:47–15:31

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:47–15:31।

गुरु 7 मई को यमगंड कब है? 05:08–06:52

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:08–06:52।

गुरु 7 मई को गुलिक काल कब है? 08:36–10:19

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:36–10:19।

सूर्योदय 05:08 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:08 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 05:08 से 18:58 तक है, 13 घं 50 मि। इसे 1 घं 43 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 7 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:08

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:08, सूर्यास्त 18:58, 13 घं 50 मि का दिन।

गुरु 7 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:58

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:08, सूर्यास्त 18:58, 13 घं 50 मि का दिन।

सूर्योदय 05:08 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:59 चंद्रोदय 00:09 शुक्र
सूर्योदय 05:08 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:59 चंद्रोदय 00:09 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 7 मई को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 260.9° पर था: पूर्वाषाढा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 260.9° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 260.9° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 260° पर उसके पद 3 में आया। वह 16:45 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।

गुरु 7 मई को कौन सा योग है? साध्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 283.2° थे: साध्य।

सूर्य 22.3° + चंद्रमा 260.9° = 283.2° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 22.3° + चंद्रमा 260.9° = 283.2° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 22.3° + 260.9° = 283.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 23:59 को समाप्त होता है, फिर शुभ।

गुरु 7 मई को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 238.6° थी: पञ्चमी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 238.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° तैतिल 234°–240° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 238.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° तैतिल 234°–240° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 19:04 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 234° हुई; तैतिल 08:14 तक है।

गुरु 7 मई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:08, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 05:08 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 05:08 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:08 से 05:07 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 7 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 17 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 16 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

गुरु 7 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल गुरु 7 मई अमावस्या 17 अप्रैल पूर्णिमा 1 मई अमावस्या 16 मई पूर्णिमा 31 मई
अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल गुरु 7 मई अमावस्या 17 अप्रैल पूर्णिमा 1 मई अमावस्या 16 मई पूर्णिमा 31 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 मई की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।

गुरु 7 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 04:53 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 7 मई सूर्य 22.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 04:53 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 7 मई सूर्य 22.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 04:53 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 48.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 7 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:09 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 00:09 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 7 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:59

सूर्योदय 05:08 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:59 चंद्रोदय 00:09 शुक्र
सूर्योदय 05:08 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:07 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:59 चंद्रोदय 00:09 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:59 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:09 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:59 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:09 शुक्र पर उदय होगा।