Chahārbāgh, अल्बोर्ज़ प्रांत, ईरान का पंचांग मंगल 1 फ़रवरी 2022
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3:30 में
त्योहार
मौनी अमावस्या
मौनी अमावस्या मंगल 1 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। मंगल 1 फ़रवरी क्यों?
मौनी अमावस्या: Chahārbāgh में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या मंगल 1 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। मंगल 1 फ़रवरी क्यों?
अमावस्या: Chahārbāgh में हर तारीख़1 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 1 फ़रवरी
- 05:18–06:12ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:07 से
-
08:17–09:12अमृत कालयमगण्ड, दुर्मुहूर्त छोड़कर · श्रवण में
- 11:02–12:20लाभ चौघड़िया
- 11:59–12:20अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:20–13:38अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:57–16:15शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:33 के बाद
- 19:15–20:56लाभ चौघड़िया
- 22:38–22:58शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:53–00:20 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:20–02:01 बुधअमृत चौघड़िया
-
06:17–07:45 बुधअमृत कालधनिष्ठा में
- 05:18–06:12 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:07–08:25रोगअशुभ
- 08:25–09:43उद्वेगअशुभ
- 09:43–11:02चरसामान्य
- 11:02–12:20लाभशुभ
- 12:20–13:38अमृतगुलिक काल में
- 13:38–14:57कालअशुभ
- 14:57–16:15शुभराहु काल में
- 16:15–17:33रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:33–19:15कालअशुभ
- 19:15–20:56लाभशुभ
- 20:56–22:38उद्वेगअशुभ
- 22:38–00:20 बुधशुभ
- 00:20–02:01 बुधअमृतशुभ
- 02:01–03:43 बुधचरसामान्य
- 03:43–05:24 बुधरोगअशुभ
- 05:24–07:06 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 1 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:18–06:12, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:07–08:25
- उद्वेग, अशुभ, 08:25–09:43
- चर, सामान्य, 09:43–11:02
- लाभ, शुभ, 11:02–12:20
- अमृत, शुभ, 12:20–13:38
- काल, अशुभ, 13:38–14:57
- शुभ, 14:57–16:15
- रोग, अशुभ, 16:15–17:33
- काल, अशुभ, 17:33–19:15
- लाभ, शुभ, 19:15–20:56
- उद्वेग, अशुभ, 20:56–22:38
- शुभ, 22:38–00:20 बुध
- अमृत, शुभ, 00:20–02:01 बुध
- चर, सामान्य, 02:01–03:43 बुध
- रोग, अशुभ, 03:43–05:24 बुध
- काल, अशुभ, 05:24–07:06 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:12–09:54, अशुभ
- यमगण्ड, 09:43–11:02, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:59–12:41, शुभ
- गुलिक काल, 12:20–13:38, अशुभ
- राहु काल, 14:57–16:15, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:58–23:53, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:18–06:12 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Chahārbāgh में मौनी अमावस्या मंगल 1 फ़रवरी को क्यों है?
मौनी अमावस्या मंगल 1 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
मौनी अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 31 जनवरी को 12:18 से मंगल 1 फ़रवरी को 09:16 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 1 फ़रवरी के सूर्योदय (07:07) पर है। मौनी अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Chahārbāgh में अमावस्या मंगल 1 फ़रवरी को क्यों है?
अमावस्या मंगल 1 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 31 जनवरी को 12:18 से मंगल 1 फ़रवरी को 09:16 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 1 फ़रवरी के सूर्योदय (07:07) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 1 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 358.8° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:07। चतुर्दशी उससे पहले 12:18 सोम पर समाप्त हुई। अमावस्या 09:16 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 18 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
प्रतिपदा क्षय क्यों है?
प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 09:16 को शुरू हुई और 06:31 बुध को समाप्त, 07:07 और 07:06 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को अमावस्या है और बुधवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।
मंगल 1 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:18–06:12
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:18–06:12।
सोम 31 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:32 सोम से सूर्योदय 07:07 तक थी, 13 घं 35 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 1 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:59–12:41
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:59–12:41।
मंगल 1 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:12–09:54
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:12–09:54, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:58–23:53।
मंगल 1 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 22:58–23:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:12–09:54, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:58–23:53।
यहाँ दिन, 07:07 से 17:33, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:12–09:54 और 22:58–23:53।
मंगल 1 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:07–08:25 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:07 से 17:33, 1 घं 18 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:33 से 07:06 बुध, 1 घं 41 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 1 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 14:57–16:15
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:57–16:15।
मंगल 1 फ़रवरी को यमगंड कब है? 09:43–11:02
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:43–11:02।
मंगल 1 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 12:20–13:38
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:20–13:38।
यहाँ दिन 07:07 से 17:33 तक है, 10 घं 26 मि। इसे 1 घं 18 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 1 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:07, सूर्यास्त 17:33, 10 घं 26 मि का दिन।
मंगल 1 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:33
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:07, सूर्यास्त 17:33, 10 घं 26 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 1 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 286.9° पर था: श्रवण, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 286°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:44 को निकलेगा, धनिष्ठा में।
मंगल 1 फ़रवरी को कौन सा योग है? व्यतीपात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 575° थे, एक चक्कर और 215°: व्यतीपात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 288.1° + 286.9° = 575°, एक पूरा चक्कर और 215°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 01:08 बुध को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।
मंगल 1 फ़रवरी को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 358.8° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 22:45 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 09:16 तक है।
मंगल 1 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:07, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:07 से 07:06 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 1 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 2 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 1 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
मंगल 1 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
मंगल 1 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2078 · शक 1943
विक्रम संवत 2078 12 अप्रैल 2021 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 12 अप्रैल 2021, 07:00 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 289.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2078 गिनता है; शक संवत 1943।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 1 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:30
चंद्रमा यहाँ 07:30 पर उदय होता है।
मंगल 1 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:43
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:30 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 17:43 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:30 पर उदय हुआ; वह फिर 17:43 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।