Businga, कांगो (डीआरसी) का पंचांग मंगल 6 जून 2028
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
6 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 6 जून
- 03:52–04:39ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:26 से
- 10:02–11:35लाभ चौघड़िया
-
10:02–11:29अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · अनुराधा में
- 11:10–11:35अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:35–13:07अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:39–16:12शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:44 के बाद
- 19:12–20:39लाभ चौघड़िया
- 22:07–22:25शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:11–23:35शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:35–01:03 बुधअमृत चौघड़िया
- 03:52–04:39 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:26–06:58रोगअशुभ
- 06:58–08:30उद्वेगअशुभ
- 08:30–10:02चरसामान्य
- 10:02–11:35लाभशुभ
- 11:35–13:07अमृतगुलिक काल में
- 13:07–14:39कालअशुभ
- 14:39–16:12शुभराहु काल में
- 16:12–17:44रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:44–19:12कालअशुभ
- 19:12–20:39लाभशुभ
- 20:39–22:07उद्वेगअशुभ
- 22:07–23:35शुभ
- 23:35–01:03 बुधअमृतशुभ
- 01:03–02:30 बुधचरसामान्य
- 02:30–03:58 बुधरोगअशुभ
- 03:58–05:26 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 6 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:52–04:39, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:26–06:58
- उद्वेग, अशुभ, 06:58–08:30
- चर, सामान्य, 08:30–10:02
- लाभ, शुभ, 10:02–11:35
- अमृत, शुभ, 11:35–13:07
- काल, अशुभ, 13:07–14:39
- शुभ, 14:39–16:12
- रोग, अशुभ, 16:12–17:44
- काल, अशुभ, 17:44–19:12
- लाभ, शुभ, 19:12–20:39
- उद्वेग, अशुभ, 20:39–22:07
- शुभ, 22:07–23:35
- अमृत, शुभ, 23:35–01:03 बुध
- चर, सामान्य, 01:03–02:30 बुध
- रोग, अशुभ, 02:30–03:58 बुध
- काल, अशुभ, 03:58–05:26 बुध
- दुर्मुहूर्त, 07:53–08:42, अशुभ
- यमगण्ड, 08:30–10:02, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:10–11:59, शुभ
- गुलिक काल, 11:35–13:07, अशुभ
- राहु काल, 14:39–16:12, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:25–23:11, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:52–04:39 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 6 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 166.7° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:26। त्रयोदशी उससे पहले 09:19 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 08:00 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 24 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 6 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:52–04:39
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:52–04:39।
सोम 5 जून की रात सूर्यास्त 17:44 सोम से सूर्योदय 05:26 तक थी, 11 घं 42 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 6 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:10–11:59
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:10–11:59।
मंगल 6 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 07:53–08:42
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:53–08:42, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:25–23:11।
मंगल 6 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 22:25–23:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:53–08:42, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:25–23:11।
यहाँ दिन, 05:26 से 17:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 07:53–08:42 और 22:25–23:11।
मंगल 6 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:26–06:58 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:26 से 17:44, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:44 से 05:26 बुध, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 6 जून को राहुकाल कब है? 14:39–16:12
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:39–16:12।
मंगल 6 जून को यमगंड कब है? 08:30–10:02
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:30–10:02।
मंगल 6 जून को गुलिक काल कब है? 11:35–13:07
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:35–13:07।
यहाँ दिन 05:26 से 17:44 तक है, 12 घं 18 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 6 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:26
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:26, सूर्यास्त 17:44, 12 घं 18 मि का दिन।
मंगल 6 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:44
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:26, सूर्यास्त 17:44, 12 घं 18 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 6 जून को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 218.4° पर था: अनुराधा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 216°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:09 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
मंगल 6 जून को कौन सा योग है? सिद्ध
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 270.1° थे: सिद्ध।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 51.7° + 218.4° = 270.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 21:50 को समाप्त होता है, फिर साध्य।
मंगल 6 जून को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 166.7° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 20:36 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 08:00 तक है।
मंगल 6 जून को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:26, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:26 से 05:26 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 6 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 24 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 22 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
मंगल 6 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
मंगल 6 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950
विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 05:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 69.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 6 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:08
चंद्रमा यहाँ 17:08 पर उदय होता है।
मंगल 6 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:23 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:08 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:23 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:08 पर उदय हुआ; वह फिर 05:23 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।