Businga, कांगो (डीआरसी) का पंचांग मंगल 10 नवंबर 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
त्योहार
भाई दूज
भाई दूज मंगल 10 नवंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में द्वितीया है, और किसी दिन नहीं। मंगल 10 नवंबर क्यों?
भाई दूज: Businga में हर तारीख़त्योहार
गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पूजा मंगल 10 नवंबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। मंगल 10 नवंबर क्यों?
गोवर्धन पूजा: Businga में हर तारीख़10 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 10 नवंबर
- 03:44–04:32ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:20 से
- 09:50–11:20लाभ चौघड़िया
- 10:56–11:20अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:20–12:50अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:20–15:49शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:19 के बाद
- 18:49–20:20लाभ चौघड़िया
-
19:44–21:29अमृत कालअनुराधा में
- 21:50–22:08शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 22:56–23:20शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:20–00:50 बुधअमृत चौघड़िया
- 03:44–04:32 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:20–06:50रोगअशुभ
- 06:50–08:20उद्वेगअशुभ
- 08:20–09:50चरसामान्य
- 09:50–11:20लाभशुभ
- 11:20–12:50अमृतगुलिक काल में
- 12:50–14:20कालअशुभ
- 14:20–15:49शुभराहु काल में
- 15:49–17:19रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:19–18:49कालअशुभ
- 18:49–20:20लाभशुभ
- 20:20–21:50उद्वेगअशुभ
- 21:50–23:20शुभ
- 23:20–00:50 बुधअमृतशुभ
- 00:50–02:20 बुधचरसामान्य
- 02:20–03:50 बुधरोगअशुभ
- 03:50–05:21 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 10 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 03:44–04:32, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:20–06:50
- उद्वेग, अशुभ, 06:50–08:20
- चर, सामान्य, 08:20–09:50
- लाभ, शुभ, 09:50–11:20
- अमृत, शुभ, 11:20–12:50
- काल, अशुभ, 12:50–14:20
- शुभ, 14:20–15:49
- रोग, अशुभ, 15:49–17:19
- काल, अशुभ, 17:19–18:49
- लाभ, शुभ, 18:49–20:20
- उद्वेग, अशुभ, 20:20–21:50
- शुभ, 21:50–23:20
- अमृत, शुभ, 23:20–00:50 बुध
- चर, सामान्य, 00:50–02:20 बुध
- रोग, अशुभ, 02:20–03:50 बुध
- काल, अशुभ, 03:50–05:21 बुध
- दुर्मुहूर्त, 07:44–08:32, अशुभ
- यमगण्ड, 08:20–09:50, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 10:56–11:44, शुभ
- गुलिक काल, 11:20–12:50, अशुभ
- राहु काल, 14:20–15:49, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:08–22:56, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:44–04:32 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Businga में भाई दूज मंगल 10 नवंबर को क्यों है?
भाई दूज मंगल 10 नवंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में द्वितीया है, और किसी दिन नहीं।
तिलक अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। द्वितीया मंगल 10 नवंबर को 09:30 से बुध 11 नवंबर को 11:23 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का अपराह्न (12:32–14:55) उसके भीतर है। भाई दूज का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अपराह्न Tithika की परिपाटी है।
Businga में गोवर्धन पूजा मंगल 10 नवंबर को क्यों है?
गोवर्धन पूजा मंगल 10 नवंबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।
गोवर्धन पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा सोम 9 नवंबर को 08:02 से मंगल 10 नवंबर को 09:30 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रातःकाल (05:20–07:44) उसके भीतर है। गोवर्धन पूजा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 10 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 10.1° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:20। अमावस्या उससे पहले 08:02 सोम पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 09:30 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 9 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 10 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:44–04:32
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:44–04:32।
सोम 9 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:19 सोम से सूर्योदय 05:20 तक थी, 12 घं 1 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 10 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 10:56–11:44
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 10:56–11:44।
मंगल 10 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:44–08:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:44–08:32, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:08–22:56।
मंगल 10 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:08–22:56
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:44–08:32, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:08–22:56।
यहाँ दिन, 05:20 से 17:19, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 07:44–08:32 और 22:08–22:56।
मंगल 10 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:20–06:50 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:20 से 17:19, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:19 से 05:21 बुध, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 10 नवंबर को राहुकाल कब है? 14:20–15:49
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:20–15:49।
मंगल 10 नवंबर को यमगंड कब है? 08:20–09:50
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:20–09:50।
मंगल 10 नवंबर को गुलिक काल कब है? 11:20–12:50
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:20–12:50।
यहाँ दिन 05:20 से 17:19 तक है, 11 घं 59 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 10 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:20
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:20, सूर्यास्त 17:19, 11 घं 59 मि का दिन।
मंगल 10 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:19
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:20, सूर्यास्त 17:19, 11 घं 59 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 10 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 213.6° पर था: अनुराधा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 213°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 07:08 बुध को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
मंगल 10 नवंबर को कौन सा योग है? शोभन
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 417.1° थे, एक चक्कर और 57.1°: शोभन।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 203.5° + 213.6° = 417.1°, एक पूरा चक्कर और 57.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 22:39 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।
मंगल 10 नवंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 10.1° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 20:43 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 6° हुई; बव 09:30 तक है।
मंगल 10 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:20, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:20 से 05:21 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 10 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 9 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 9 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
मंगल 10 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।
मंगल 10 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 02:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 229.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 10 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:04
चंद्रमा यहाँ 06:04 पर उदय होता है।
मंगल 10 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:15
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:04 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 18:15 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:04 पर उदय हुआ; वह फिर 18:15 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।