Berlin, बर्लिन, जर्मनी का पंचांग शनि 7 नवंबर 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि शनि 7 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शनि 7 नवंबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Berlin में हर तारीख़7 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 7 नवंबर
- 05:15–06:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:13 से
- 08:27–09:31शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:31–12:08अभिजीत मुहूर्त
- 12:58–14:07लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:07–15:16अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:26 के बाद
- 16:26–18:17लाभ चौघड़िया
-
18:40–20:20अमृत कालचित्रा में
- 20:08–21:59शुभ चौघड़िया
- 21:59–23:50अमृत चौघड़िया
- 05:24–07:15 रविलाभ चौघड़िया
- 05:16–06:16 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:13–08:22कालअशुभ
- 08:22–09:31शुभ
- 09:31–10:40रोगअशुभ
- 10:40–11:49उद्वेगअशुभ
- 11:49–12:58चरसामान्य
- 12:58–14:07लाभयमगण्ड में
- 14:07–15:16अमृतशुभ
- 15:16–16:26कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:26–18:17लाभशुभ
- 18:17–20:08उद्वेगअशुभ
- 20:08–21:59शुभ
- 21:59–23:50अमृतशुभ
- 23:50–01:41 रविचरसामान्य
- 01:41–03:32 रविरोगअशुभ
- 03:32–05:24 रविकालअशुभ
- 05:24–07:15 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 7 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–06:14, शुभ
- काल, अशुभ, 07:13–08:22
- शुभ, 08:22–09:31
- रोग, अशुभ, 09:31–10:40
- उद्वेग, अशुभ, 10:40–11:49
- चर, सामान्य, 11:49–12:58
- लाभ, शुभ, 12:58–14:07
- अमृत, शुभ, 14:07–15:16
- काल, अशुभ, 15:16–16:26
- लाभ, शुभ, 16:26–18:17
- उद्वेग, अशुभ, 18:17–20:08
- शुभ, 20:08–21:59
- अमृत, शुभ, 21:59–23:50
- चर, सामान्य, 23:50–01:41 रवि
- रोग, अशुभ, 01:41–03:32 रवि
- काल, अशुभ, 03:32–05:24 रवि
- लाभ, शुभ, 05:24–07:15 रवि
- गुलिक काल, 07:13–08:22, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:13–07:50, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:50–08:27, अशुभ
- राहु काल, 09:31–10:40, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:31–12:08, शुभ
- यमगण्ड, 12:58–14:07, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:16–06:16 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Berlin में मासिक शिवरात्रि शनि 7 नवंबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि शनि 7 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शनि 7 नवंबर को 06:18 से रवि 8 नवंबर को 06:58 तक है, इसलिए केवल शनिवार की रात का निशीथ काल (23:21–00:20 रवि) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
शनि 7 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 336.4° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:13। त्रयोदशी उससे पहले 06:18 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 06:58 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 26 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?
नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Berlin में चतुर्दशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:37, त्रयोदशी की समाप्ति 10:48 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
Berlin · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 07:13, त्रयोदशी की समाप्ति 06:18 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
शनि 7 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:15–06:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:15–06:14।
शुक्र 6 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:27 शुक्र से सूर्योदय 07:13 तक थी, 14 घं 46 मि। इसे 59 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 7 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:31–12:08
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:31–12:08।
शनि 7 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:13–07:50
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:13–07:50 और 07:50–08:27।
शनि 7 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:50–08:27
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:13–07:50 और 07:50–08:27।
यहाँ दिन, 07:13 से 16:26, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 36 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:13–07:50 और 07:50–08:27।
शनि 7 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:13–08:22 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:13 से 16:26, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:26 से 07:15 रवि, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 7 नवंबर को राहुकाल कब है? 09:31–10:40
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:31–10:40।
शनि 7 नवंबर को यमगंड कब है? 12:58–14:07
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 12:58–14:07।
शनि 7 नवंबर को गुलिक काल कब है? 07:13–08:22
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:13–08:22।
यहाँ दिन 07:13 से 16:26 तक है, 9 घं 13 मि। इसे 1 घं 9 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 7 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:13
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:13, सूर्यास्त 16:26, 9 घं 13 मि का दिन।
शनि 7 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:26
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:13, सूर्यास्त 16:26, 9 घं 13 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 13 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 13 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 7 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 177.1° पर था: चित्रा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 176°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 01:22 रवि को निकलेगा, स्वाती में।
शनि 7 नवंबर को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 377.7° थे, एक चक्कर और 17.7°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 200.6° + 177.1° = 377.7°, एक पूरा चक्कर और 17.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 22:57 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
शनि 7 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 336.4° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 18:35 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 06:58 रवि तक।
शनि 7 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:13, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:13 से 07:15 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 7 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 10 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 9 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
शनि 7 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
शनि 7 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 02:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 226.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 7 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:30 रवि
चंद्रमा यहाँ 06:30 रवि पर उदय होता है।
शनि 7 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:11
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:11 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:30 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:11 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:30 रवि पर उदय होगा।