आज का पंचांग, Barpāli, ओडिशा गुरु 5 नवंबर 2026
ओडिशा, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
रमा एकादशी
रमा एकादशी गुरु 5 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। गुरु 5 नवंबर क्यों?
रमा एकादशी: Barpāli में हर तारीख़ आज कौन सा व्रत है: Barpāli, ओडिशाआज का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 5 नवंबर
- 04:18–05:09ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:00 से
- 06:00–07:25शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:16–12:01अभिजीत मुहूर्त
- 11:39–13:03लाभ चौघड़िया
- 13:03–14:28अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 15:53–17:17शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:17 के बाद
- 17:17–18:53अमृत चौघड़िया
-
20:36–22:14अमृत कालउत्तराफाल्गुनी में
- 23:39–01:14 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:50–04:25 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:25–06:00 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:19–05:10 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:00–07:25शुभयमगण्ड में
- 07:25–08:49रोगअशुभ
- 08:49–10:14उद्वेगअशुभ
- 10:14–11:39चरसामान्य
- 11:39–13:03लाभशुभ
- 13:03–14:28अमृतराहु काल में
- 14:28–15:53कालअशुभ
- 15:53–17:17शुभ
रात का चौघड़िया
- 17:17–18:53अमृतशुभ
- 18:53–20:28चरसामान्य
- 20:28–22:03रोगअशुभ
- 22:03–23:39कालअशुभ
- 23:39–01:14 शुक्रलाभशुभ
- 01:14–02:50 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:50–04:25 शुक्रशुभ
- 04:25–06:00 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 5 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:18–05:09, शुभ
- शुभ, 06:00–07:25
- रोग, अशुभ, 07:25–08:49
- उद्वेग, अशुभ, 08:49–10:14
- चर, सामान्य, 10:14–11:39
- लाभ, शुभ, 11:39–13:03
- अमृत, शुभ, 13:03–14:28
- काल, अशुभ, 14:28–15:53
- शुभ, 15:53–17:17
- अमृत, शुभ, 17:17–18:53
- चर, सामान्य, 18:53–20:28
- रोग, अशुभ, 20:28–22:03
- काल, अशुभ, 22:03–23:39
- लाभ, शुभ, 23:39–01:14 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:14–02:50 शुक्र
- शुभ, 02:50–04:25 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:25–06:00 शुक्र
- यमगण्ड, 06:00–07:25, अशुभ
- गुलिक काल, 08:49–10:14, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:46–10:31, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:16–12:01, शुभ
- राहु काल, 13:03–14:28, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:17–15:02, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:19–05:10 शुक्र
Barpāli में आने वाले त्योहार
हर मान कैसे निकलता है
Barpāli में रमा एकादशी गुरु 5 नवंबर को क्यों है?
रमा एकादशी गुरु 5 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 5 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:00: गुरु 5 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 11:03 बुध पर, उससे (04:24–06:00) पहले, समाप्त हुई।
आज कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 309.7° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:00। दशमी उससे पहले 11:03 बुध पर समाप्त हुई। एकादशी 10:36 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 26 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
आज ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? शुक्र 6 नवंबर, 04:19–05:10 गुरु 5 नवंबर, 04:18–05:09
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:18–05:09।
बुध 4 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:18 बुध से सूर्योदय 06:00 तक थी, 12 घं 42 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
ब्रह्म मुहूर्त का समय आज और कल, Barpāli, ओडिशादिन के 15 मुहूर्त
आज अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:16–12:01
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:16–12:01।
आज दुर्मुहूर्त कब है? 09:46–10:31
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:46–10:31 और 14:17–15:02।
आज दुर्मुहूर्त कब है? 14:17–15:02
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:46–10:31 और 14:17–15:02।
यहाँ दिन, 06:00 से 17:17, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:46–10:31 और 14:17–15:02।
अभिजीत मुहूर्त आज, Barpāli, ओडिशाआज का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:00–07:25 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:00 से 17:17, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:17 से 06:00 शुक्र, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
आज का चौघड़िया, Barpāli, ओडिशादिन के 8 भाग
आज राहुकाल कब है? 13:03–14:28
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:03–14:28।
आज यमगंड कब है? 06:00–07:25
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:00–07:25।
आज गुलिक काल कब है? 08:49–10:14
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:49–10:14।
यहाँ दिन 06:00 से 17:17 तक है, 11 घं 17 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
राहु काल आज, Barpāli, ओडिशासूर्योदय और सूर्यास्त
आज सूर्योदय कितने बजे है? 06:00
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:00, सूर्यास्त 17:17, 11 घं 17 मि का दिन।
आज सूर्यास्त कितने बजे है? 17:17
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:00, सूर्यास्त 17:17, 11 घं 17 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
आज कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 148° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 146°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:56 शुक्र को निकलेगा, हस्त में।
आज कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 346.4° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 198.4° + 148° = 346.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 06:26 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
आज कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 309.7° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 22:47 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 10:36 तक है।
आज कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:00, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:00 से 06:00 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
कौन सा हिंदू महीना चल रहा है (अमांत)? आश्विन
यह मास 10 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 9 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
कौन सा हिंदू महीना चल रहा है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
कौन सा संवत चल रहा है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 06:53 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 224.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
आज चंद्रोदय कितने बजे है? 03:11 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 03:11 शुक्र पर उदय होता है।
आज चंद्रास्त कितने बजे है? 14:39
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:39 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:11 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:39 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:11 शुक्र पर उदय होगा।