tithika
English

Baoding, चीन का पंचांग शनि 1 जुलाई 2028

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CST में

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:43 04:56 19:47अगला सूर्योदय 04:56 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 04:56–06:47कालअशुभ
  • 06:47–08:39शुभ
  • 08:39–10:30रोगअशुभ
  • 10:30–12:21उद्वेगअशुभ
  • 12:21–14:13चरसामान्य
  • 14:13–16:04लाभयमगण्ड में
  • 16:04–17:55अमृतशुभ
  • 17:55–19:47कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:47–20:55लाभशुभ
  • 20:55–22:04उद्वेगअशुभ
  • 22:04–23:13शुभ
  • 23:13–00:22 रविअमृतशुभ
  • 00:22–01:30 रविचरसामान्य
  • 01:30–02:39 रविरोगअशुभ
  • 02:39–03:48 रविकालअशुभ
  • 03:48–04:56 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 1 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:43–04:19, शुभ
  • काल, अशुभ, 04:56–06:47
  • शुभ, 06:47–08:39
  • रोग, अशुभ, 08:39–10:30
  • उद्वेग, अशुभ, 10:30–12:21
  • चर, सामान्य, 12:21–14:13
  • लाभ, शुभ, 14:13–16:04
  • अमृत, शुभ, 16:04–17:55
  • काल, अशुभ, 17:55–19:47
  • लाभ, शुभ, 19:47–20:55
  • उद्वेग, अशुभ, 20:55–22:04
  • शुभ, 22:04–23:13
  • अमृत, शुभ, 23:13–00:22 रवि
  • चर, सामान्य, 00:22–01:30 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:30–02:39 रवि
  • काल, अशुभ, 02:39–03:48 रवि
  • लाभ, शुभ, 03:48–04:56 रवि
  • गुलिक काल, 04:56–06:47, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 04:56–05:55, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 05:55–06:55, अशुभ
  • राहु काल, 08:39–10:30, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:52–12:51, शुभ
  • यमगण्ड, 14:13–16:04, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:43–04:20 रवि

हर मान कैसे निकलता है

शनि 1 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल नवमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 107.8° आगे था: शुक्ल नवमी।

सूर्य अमावस्या 0° 107.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 107.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 96°–108° नौवीं है, शुक्ल नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:56। अष्टमी उससे पहले 07:08 शुक्र पर समाप्त हुई। नवमी 05:17 को समाप्त होगी, जब बढ़त 108° होगी। बढ़त 23 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

दशमी क्षय क्यों है?

दशमी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन दशमी नहीं होता।

नवमी दशमी दशमी एकादशी शनि 1 जुलाई सुबह रवि 2 जुलाई सुबह Baoding UTC+8 05:17 03:44 04:56 नवमी 04:56 एकादशी दशमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
नवमी दशमी दशमी एकादशी शनि 1 जुलाई सुबह रवि 2 जुलाई सुबह Baoding UTC+8 05:17 03:44 04:56 नवमी 04:56 एकादशी दशमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। दशमी 05:17 को शुरू हुई और 03:44 रवि को समाप्त, 04:56 और 04:56 रवि के सूर्योदयों के बीच। शनिवार को नवमी है और रविवार को एकादशी: दशमी यहाँ क्षय तिथि है।

नई दिल्ली में दशमी क्यों है?

नई दिल्ली में दशमी है, Baoding में नवमी।

नवमी दशमी दशमी एकादशी शनि 1 जुलाई सुबह रवि 2 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST Baoding UTC+8 02:47 05:17 01:14 03:44 05:27 दशमी 05:27 एकादशी 04:56 नवमी 04:56 एकादशी
नवमी दशमी दशमी एकादशी शनि 1 जुलाई सुबह रवि 2 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST Baoding UTC+8 02:47 05:17 01:14 03:44 05:27 दशमी 05:27 एकादशी 04:56 नवमी 04:56 एकादशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:27, नवमी की समाप्ति 02:47 के बाद हुआ: यह दिन दशमी है।

Baoding · UTC+8

यहाँ सूर्योदय, 04:56, नवमी की समाप्ति 05:17 से पहले हुआ: यह दिन नवमी है। दशमी अगले सूर्योदय से पहले, 03:44 रवि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन दशमी नहीं होता: वह क्षय है।

शनि 1 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:43–04:19

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:43–04:19।

सूर्यास्त 19:47 शुक्र सूर्योदय 04:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 30 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:47 शुक्र सूर्योदय 04:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 30 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 30 जून की रात सूर्यास्त 19:47 शुक्र से सूर्योदय 04:56 तक थी, 9 घं 9 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 1 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:52–12:51

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:52–12:51।

शनि 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 04:56–05:55

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 04:56–05:55 और 05:55–06:55।

शनि 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 05:55–06:55

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 04:56–05:55 और 05:55–06:55।

सूर्योदय 04:56 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 04:56 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 04:56 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 04:56 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 04:56 से 19:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 04:56–05:55 और 05:55–06:55।

शनि 1 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

04:56–06:47 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 04:56 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 04:56 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 04:56 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 04:56 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:56 से 19:47, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:47 से 04:56 रवि, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 1 जुलाई को राहुकाल कब है? 08:39–10:30

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:39–10:30।

शनि 1 जुलाई को यमगंड कब है? 14:13–16:04

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:13–16:04।

शनि 1 जुलाई को गुलिक काल कब है? 04:56–06:47

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 04:56–06:47।

सूर्योदय 04:56 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 04:56 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 04:56 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 04:56 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 04:56 से 19:47 तक है, 14 घं 51 मि। इसे 1 घं 51 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 1 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:56

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:56, सूर्यास्त 19:47, 14 घं 51 मि का दिन।

शनि 1 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:47

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:56, सूर्यास्त 19:47, 14 घं 51 मि का दिन।

सूर्योदय 04:56 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 04:56 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:49 रवि चंद्रोदय 14:33
सूर्योदय 04:56 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 04:56 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:49 रवि चंद्रोदय 14:33
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 1 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 183.1° पर था: चित्रा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 183.1° अगला: स्वाती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 183.1° अगला: स्वाती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 180° पर उसके पद 3 में आया। वह 11:04 को निकलेगा, स्वाती में।

शनि 1 जुलाई को कौन सा योग है? शिव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 258.4° थे: शिव।

सूर्य 75.3° + चंद्रमा 183.1° = 258.4° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 75.3° + चंद्रमा 183.1° = 258.4° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 75.3° + 183.1° = 258.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 18:17 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।

शनि 1 जुलाई को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 107.8° थी: नवमी का दूसरा आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 107.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° कौलव 102°–108° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 107.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° कौलव 102°–108° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 18:10 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 102° हुई; कौलव 05:17 तक है।

शनि 1 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 04:56, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 04:56 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 04:56 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 04:56 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 04:56 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:56 से 04:56 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 23 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 22 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

शनि 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल शनि 1 जुलाई पूर्णिमा 7 जून अमावस्या 23 जून पूर्णिमा 7 जुल॰ अमावस्या 22 जुल॰
अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल शनि 1 जुलाई पूर्णिमा 7 जून अमावस्या 23 जून पूर्णिमा 7 जुल॰ अमावस्या 22 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।

शनि 1 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950

विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 2028 12:31 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 1 जुलाई सूर्य 75.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 2028 12:31 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 1 जुलाई सूर्य 75.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 12:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 93.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 1 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:33

चंद्रमा यहाँ 14:33 पर उदय होता है।

शनि 1 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 00:49 रवि

सूर्योदय 04:56 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 04:56 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:49 रवि चंद्रोदय 14:33
सूर्योदय 04:56 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 04:56 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:49 रवि चंद्रोदय 14:33
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:33 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 00:49 रवि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:33 पर उदय हुआ; वह फिर 00:49 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।