Baoding, चीन का पंचांग गुरु 13 जनवरी 2028
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CST में
कृष्ण पक्ष · 08:37 तक
फिर द्वितीया · 05:09 शुक्र तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं कारण जानें13 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 13 जनवरी
- 05:41–06:38ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:35 से
- 07:35–08:48शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:07–12:45अभिजीत मुहूर्त
- 12:26–13:39लाभ चौघड़िया
- 13:39–14:51अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:04–17:17शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:17 के बाद
- 17:17–19:04अमृत चौघड़िया
- 00:26–02:13 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 04:01–05:48 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:48–07:35 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:41–06:38 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:35–08:48शुभयमगण्ड में
- 08:48–10:01रोगअशुभ
- 10:01–11:13उद्वेगअशुभ
- 11:13–12:26चरसामान्य
- 12:26–13:39लाभशुभ
- 13:39–14:51अमृतराहु काल में
- 14:51–16:04कालअशुभ
- 16:04–17:17शुभ
रात का चौघड़िया
- 17:17–19:04अमृतशुभ
- 19:04–20:51चरसामान्य
- 20:51–22:39रोगअशुभ
- 22:39–00:26 शुक्रकालअशुभ
- 00:26–02:13 शुक्रलाभशुभ
- 02:13–04:01 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 04:01–05:48 शुक्रशुभ
- 05:48–07:35 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 13 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:41–06:38, शुभ
- शुभ, 07:35–08:48
- रोग, अशुभ, 08:48–10:01
- उद्वेग, अशुभ, 10:01–11:13
- चर, सामान्य, 11:13–12:26
- लाभ, शुभ, 12:26–13:39
- अमृत, शुभ, 13:39–14:51
- काल, अशुभ, 14:51–16:04
- शुभ, 16:04–17:17
- अमृत, शुभ, 17:17–19:04
- चर, सामान्य, 19:04–20:51
- रोग, अशुभ, 20:51–22:39
- काल, अशुभ, 22:39–00:26 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:26–02:13 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:13–04:01 शुक्र
- शुभ, 04:01–05:48 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:48–07:35 शुक्र
- यमगण्ड, 07:35–08:48, अशुभ
- गुलिक काल, 10:01–11:13, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:49–11:28, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:07–12:45, शुभ
- राहु काल, 13:39–14:51, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:42–15:20, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:41–06:38 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 13 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 191.4° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:35। पूर्णिमा उससे पहले 12:03 बुध पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 08:37 को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 12 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
द्वितीया क्षय क्यों है?
द्वितीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वितीया 08:37 को शुरू हुई और 05:09 शुक्र को समाप्त, 07:35 और 07:35 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को प्रतिपदा है और शुक्रवार को तृतीया: द्वितीया यहाँ क्षय तिथि है।
नई दिल्ली में द्वितीया क्यों है?
नई दिल्ली में द्वितीया है, Baoding में प्रतिपदा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:15, प्रतिपदा की समाप्ति 06:07 के बाद हुआ: यह दिन द्वितीया है।
Baoding · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 07:35, प्रतिपदा की समाप्ति 08:37 से पहले हुआ: यह दिन प्रतिपदा है। द्वितीया अगले सूर्योदय से पहले, 05:09 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं होता: वह क्षय है।
गुरु 13 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:41–06:38
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:41–06:38।
बुध 12 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:16 बुध से सूर्योदय 07:35 तक थी, 14 घं 19 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 13 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:07–12:45
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:07–12:45।
गुरु 13 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 10:49–11:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:49–11:28 और 14:42–15:20।
गुरु 13 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 14:42–15:20
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:49–11:28 और 14:42–15:20।
यहाँ दिन, 07:35 से 17:17, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:49–11:28 और 14:42–15:20।
गुरु 13 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:35–08:48 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:35 से 17:17, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:17 से 07:35 शुक्र, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 13 जनवरी को राहुकाल कब है? 13:39–14:51
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:39–14:51।
गुरु 13 जनवरी को यमगंड कब है? 07:35–08:48
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:35–08:48।
गुरु 13 जनवरी को गुलिक काल कब है? 10:01–11:13
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:01–11:13।
यहाँ दिन 07:35 से 17:17 तक है, 9 घं 42 मि। इसे 1 घं 12 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 13 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:35
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:35, सूर्यास्त 17:17, 9 घं 42 मि का दिन।
गुरु 13 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:17
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:35, सूर्यास्त 17:17, 9 घं 42 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 13 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य
सूर्योदय पर चंद्रमा 99.4° पर था: पुष्य, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 96°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:07 को निकलेगा, अश्लेशा में।
गुरु 13 जनवरी को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 367.4° थे, एक चक्कर और 7.4°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 268° + 99.4° = 367.4°, एक पूरा चक्कर और 7.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 16:21 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
गुरु 13 जनवरी को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 191.4° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 22:21 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 186° हुई; कौलव 08:37 तक है।
गुरु 13 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:35, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:35 से 07:35 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 13 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 28 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 15 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 26 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
गुरु 13 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
गुरु 13 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949
विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2027, 07:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 275.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 13 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:44
चंद्रमा यहाँ 18:44 पर उदय होता है।
गुरु 13 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:19
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:19 पर अस्त हुआ; वह फिर 18:44 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:19 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 18:44 पर उदय होगा।