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Baoding, चीन का पंचांग शुक्र 20 मार्च 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CST में

त्योहार

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना

घटस्थापना मुहूर्त
06:22⁠–⁠08:47
प्रातःकाल 06:22⁠–⁠08:47

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना शुक्र 20 मार्च को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं। शुक्र 20 मार्च क्यों?

चैत्र नवरात्रि: Baoding में हर तारीख़

त्योहार

नव संवत्सर

नव संवत्सर शुक्र 20 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2083 आरंभ होता है। शुक्र 20 मार्च क्यों?

नव संवत्सर: Baoding में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:47 06:22 18:29अगला सूर्योदय 06:20 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:22–07:53चरसामान्य
  • 07:53–09:24लाभगुलिक काल में
  • 09:24–10:54अमृतशुभ
  • 10:54–12:25कालअशुभ
  • 12:25–13:56शुभ
  • 13:56–15:27रोगअशुभ
  • 15:27–16:58उद्वेगअशुभ
  • 16:58–18:29चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 18:29–19:58रोगअशुभ
  • 19:58–21:27कालअशुभ
  • 21:27–22:56लाभशुभ
  • 22:56–00:25 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:25–01:53 शनिशुभ
  • 01:53–03:22 शनिअमृतशुभ
  • 03:22–04:51 शनिचरसामान्य
  • 04:51–06:20 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 20 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:47–05:34, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:22–07:53
  • लाभ, शुभ, 07:53–09:24
  • अमृत, शुभ, 09:24–10:54
  • काल, अशुभ, 10:54–12:25
  • शुभ, 12:25–13:56
  • रोग, अशुभ, 13:56–15:27
  • उद्वेग, अशुभ, 15:27–16:58
  • चर, सामान्य, 16:58–18:29
  • रोग, अशुभ, 18:29–19:58
  • काल, अशुभ, 19:58–21:27
  • लाभ, शुभ, 21:27–22:56
  • उद्वेग, अशुभ, 22:56–00:25 शनि
  • शुभ, 00:25–01:53 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:53–03:22 शनि
  • चर, सामान्य, 03:22–04:51 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:51–06:20 शनि
  • गुलिक काल, 07:53–09:24, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:47–09:36, अशुभ
  • राहु काल, 10:54–12:25, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:01–12:50, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:50–13:38, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:27–16:58, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:45–05:33 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Baoding में चैत्र नवरात्रि शुक्र 20 मार्च को क्यों है?

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना शुक्र 20 मार्च को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं।

अमावस्या 06:23 09:23 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 19 मार्च प्रातःकाल 06:23–08:48 प्रतिपदा 09:23 से
अमावस्या 06:23 09:23 05:00 07:00 गुरु 19 मार्च प्रातःकाल 06:23–08:48 प्रतिपदा 09:23 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा गुरु 19 मार्च को 09:23 से शुक्र 20 मार्च को 07:22 तक है, इसलिए वह केवल शुक्रवार के प्रातःकाल (06:22–08:47) को छूती है। चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

चैत्र नवरात्रि: Baoding में हर तारीख़

Baoding में नव संवत्सर शुक्र 20 मार्च को क्यों है?

नव संवत्सर शुक्र 20 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2083 आरंभ होता है।

अमावस्या 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 19 मार्च सूर्योदय 06:23
अमावस्या 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 19 मार्च सूर्योदय 06:23
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

विक्रम संवत् 2083 उस दिन आरंभ होता है जिस दिन सूर्योदय पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हो: शुक्र 20 मार्च, 06:22 पर। प्रतिपदा 07:22 तक है।

नव संवत्सर: Baoding में हर तारीख़

शुक्र 20 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 11.4° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 11.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 11.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:22। अमावस्या उससे पहले 09:23 गुरु पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 07:22 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 19 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

द्वितीया क्षय क्यों है?

द्वितीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं होता।

प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया शुक्र 20 मार्च सुबह शनि 21 मार्च सुबह Baoding UTC+8 07:22 05:01 06:22 प्रतिपदा 06:20 तृतीया द्वितीया इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया शुक्र 20 मार्च सुबह शनि 21 मार्च सुबह Baoding UTC+8 07:22 05:01 06:22 प्रतिपदा 06:20 तृतीया द्वितीया इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वितीया 07:22 को शुरू हुई और 05:01 शनि को समाप्त, 06:22 और 06:20 शनि के सूर्योदयों के बीच। शुक्रवार को प्रतिपदा है और शनिवार को तृतीया: द्वितीया यहाँ क्षय तिथि है।

नई दिल्ली में द्वितीया क्यों है?

नई दिल्ली में द्वितीया है, Baoding में प्रतिपदा।

प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया शुक्र 20 मार्च सुबह शनि 21 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Baoding UTC+8 04:52 07:22 02:31 05:01 06:25 द्वितीया 06:24 तृतीया 06:22 प्रतिपदा 06:20 तृतीया
प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया शुक्र 20 मार्च सुबह शनि 21 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Baoding UTC+8 04:52 07:22 02:31 05:01 06:25 द्वितीया 06:24 तृतीया 06:22 प्रतिपदा 06:20 तृतीया
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:25, प्रतिपदा की समाप्ति 04:52 के बाद हुआ: यह दिन द्वितीया है।

Baoding · UTC+8

यहाँ सूर्योदय, 06:22, प्रतिपदा की समाप्ति 07:22 से पहले हुआ: यह दिन प्रतिपदा है। द्वितीया अगले सूर्योदय से पहले, 05:01 शनि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं होता: वह क्षय है।

शुक्र 20 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:47–05:34

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:47–05:34।

सूर्यास्त 18:28 गुरु सूर्योदय 06:22 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 19 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:28 गुरु सूर्योदय 06:22 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 19 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 19 मार्च की रात सूर्यास्त 18:28 गुरु से सूर्योदय 06:22 तक थी, 11 घं 54 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 20 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:01–12:50

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:01–12:50।

शुक्र 20 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 08:47–09:36

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:47–09:36 और 12:50–13:38।

शुक्र 20 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 12:50–13:38

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:47–09:36 और 12:50–13:38।

सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:22 से 18:29, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:47–09:36 और 12:50–13:38।

शुक्र 20 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:22–07:53 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:22 से 18:29, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:29 से 06:20 शनि, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 20 मार्च को राहुकाल कब है? 10:54–12:25

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:54–12:25।

शुक्र 20 मार्च को यमगंड कब है? 15:27–16:58

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:27–16:58।

शुक्र 20 मार्च को गुलिक काल कब है? 07:53–09:24

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:53–09:24।

सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:22 से 18:29 तक है, 12 घं 7 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 20 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 18:29, 12 घं 7 मि का दिन।

शुक्र 20 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:29

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 18:29, 12 घं 7 मि का दिन।

सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:04 चंद्रोदय 06:42
सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:04 चंद्रोदय 06:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 20 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 346.5° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 346.5° अगला: रेवती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 346.5° अगला: रेवती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 343°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 06:35 को निकलेगा, रेवती में।

शुक्र 20 मार्च को कौन सा योग है? ब्रह्म

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 681.6° थे, एक चक्कर और 321.6°: ब्रह्म।

सूर्य 335.1° + चंद्रमा 346.5° = 681.6° एक चक्कर + 321.6° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 335.1° + चंद्रमा 346.5° = 681.6° एक चक्कर + 321.6° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 335.1° + 346.5° = 681.6°, एक पूरा चक्कर और 321.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 00:44 शनि को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।

शुक्र 20 मार्च को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 11.4° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 11.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 11.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 20:26 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 6° हुई; बव 07:22 तक है।

शुक्र 20 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:22, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:22 से 06:20 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 20 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 19 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 17 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

शुक्र 20 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।

अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र चैत्र कृष्ण शुक्ल शुक्र 20 मार्च पूर्णिमा 3 मार्च अमावस्या 19 मार्च पूर्णिमा 2 अप्रैल अमावस्या 17 अप्रैल
अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र चैत्र कृष्ण शुक्ल शुक्र 20 मार्च पूर्णिमा 3 मार्च अमावस्या 19 मार्च पूर्णिमा 2 अप्रैल अमावस्या 17 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।

शुक्र 20 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 09:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 20 मार्च सूर्य 335.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 09:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 20 मार्च सूर्य 335.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 09:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 0.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 20 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:42

चंद्रमा यहाँ 06:42 पर उदय होता है।

शुक्र 20 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:04

सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:04 चंद्रोदय 06:42
सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:04 चंद्रोदय 06:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:42 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:04 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:42 पर उदय हुआ; वह फिर 20:04 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।