tithika
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Baoding, चीन का पंचांग सोम 14 जुलाई 2025

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CST में

चतुर्थी

कृष्ण पक्ष · 02:30 मंगल तक

फिर पञ्चमी · 01:09 बुध तक

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
21:59

संकष्टी चतुर्थी सोम 14 जुलाई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। सोम 14 जुलाई क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Baoding में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:49 05:04 19:43अगला सूर्योदय 05:04 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:04–06:54अमृतशुभ
  • 06:54–08:43कालअशुभ
  • 08:43–10:33शुभ
  • 10:33–12:23रोगअशुभ
  • 12:23–14:13उद्वेगअशुभ
  • 14:13–16:03चरसामान्य
  • 16:03–17:53लाभशुभ
  • 17:53–19:43अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:43–20:53चरसामान्य
  • 20:53–22:03रोगअशुभ
  • 22:03–23:13कालअशुभ
  • 23:13–00:24 मंगललाभशुभ
  • 00:24–01:34 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:34–02:44 मंगलशुभ
  • 02:44–03:54 मंगलअमृतशुभ
  • 03:54–05:04 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 14 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:49–04:26, शुभ
  • अमृत, शुभ, 05:04–06:54
  • काल, अशुभ, 06:54–08:43
  • शुभ, 08:43–10:33
  • रोग, अशुभ, 10:33–12:23
  • उद्वेग, अशुभ, 12:23–14:13
  • चर, सामान्य, 14:13–16:03
  • लाभ, शुभ, 16:03–17:53
  • अमृत, शुभ, 17:53–19:43
  • चर, सामान्य, 19:43–20:53
  • रोग, अशुभ, 20:53–22:03
  • काल, अशुभ, 22:03–23:13
  • लाभ, शुभ, 23:13–00:24 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:24–01:34 मंगल
  • शुभ, 01:34–02:44 मंगल
  • अमृत, शुभ, 02:44–03:54 मंगल
  • चर, सामान्य, 03:54–05:04 मंगल
  • राहु काल, 06:54–08:43, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:33–12:23, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:54–12:53, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:53–13:51, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:13–16:03, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:48–16:47, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:49–04:27 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Baoding में संकष्टी चतुर्थी सोम 14 जुलाई को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी सोम 14 जुलाई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 20:00 21:00 22:00 23:00 रवि 13 जुलाई चंद्रोदय 21:33
तृतीया 20:00 21:00 22:00 23:00 रवि 13 जुलाई चंद्रोदय 21:33
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी सोम 14 जुलाई को 03:33 से मंगल 15 जुलाई को 02:30 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल सोम 14 जुलाई को है, 21:59 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Baoding में हर तारीख़

सोम 14 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 216.8° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 216.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 216.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:04। तृतीया उससे पहले 03:33 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 02:30 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 11 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 14 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:49–04:26

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:49–04:26।

सूर्यास्त 19:43 रवि सूर्योदय 05:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 13 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:43 रवि सूर्योदय 05:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 13 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 13 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:43 रवि से सूर्योदय 05:04 तक थी, 9 घं 21 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 14 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:54–12:53

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:54–12:53।

सोम 14 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:53–13:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:53–13:51 और 15:48–16:47।

सोम 14 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 15:48–16:47

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:53–13:51 और 15:48–16:47।

सूर्योदय 05:04 सूर्यास्त 19:43 सूर्योदय 05:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 05:04 सूर्यास्त 19:43 सूर्योदय 05:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 05:04 से 19:43, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:53–13:51 और 15:48–16:47।

सोम 14 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:04–06:54 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:04 सूर्यास्त 19:43 सूर्योदय 05:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 05:04 सूर्यास्त 19:43 सूर्योदय 05:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:04 से 19:43, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:43 से 05:04 मंगल, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 14 जुलाई को राहुकाल कब है? 06:54–08:43

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:54–08:43।

सोम 14 जुलाई को यमगंड कब है? 10:33–12:23

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:33–12:23।

सोम 14 जुलाई को गुलिक काल कब है? 14:13–16:03

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:13–16:03।

सूर्योदय 05:04 सूर्यास्त 19:43 सूर्योदय 05:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:04 सूर्यास्त 19:43 सूर्योदय 05:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 05:04 से 19:43 तक है, 14 घं 39 मि। इसे 1 घं 49 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 14 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:04

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:04, सूर्यास्त 19:43, 14 घं 39 मि का दिन।

सोम 14 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:43

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:04, सूर्यास्त 19:43, 14 घं 39 मि का दिन।

सूर्योदय 05:04 सूर्यास्त 19:43 सूर्योदय 05:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:17 चंद्रोदय 21:59
सूर्योदय 05:04 सूर्यास्त 19:43 सूर्योदय 05:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:17 चंद्रोदय 21:59
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 21 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 21 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 14 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 304.3° पर था: धनिष्ठा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 304.3° अगला: शतभिषा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 304.3° अगला: शतभिषा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 303°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 09:19 को निकलेगा, शतभिषा में।

सोम 14 जुलाई को कौन सा योग है? आयुष्मान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 391.8° थे, एक चक्कर और 31.8°: आयुष्मान्।

सूर्य 87.5° + चंद्रमा 304.3° = 391.8° एक चक्कर + 31.8° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 87.5° + चंद्रमा 304.3° = 391.8° एक चक्कर + 31.8° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 87.5° + 304.3° = 391.8°, एक पूरा चक्कर और 31.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 18:43 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।

सोम 14 जुलाई को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 216.8° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 216.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 216.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 15:03 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 02:30 मंगल तक।

सोम 14 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:04, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 05:04 सूर्यास्त 19:43 सूर्योदय 05:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 05:04 सूर्यास्त 19:43 सूर्योदय 05:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:04 से 05:04 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 14 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 25 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 25 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

सोम 14 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल सोम 14 जुलाई अमावस्या 25 जून पूर्णिमा 11 जुल॰ अमावस्या 25 जुल॰ पूर्णिमा 9 अग॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल सोम 14 जुलाई अमावस्या 25 जून पूर्णिमा 11 जुल॰ अमावस्या 25 जुल॰ पूर्णिमा 9 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 जुलाई की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।

सोम 14 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947

विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 18:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 14 जुलाई सूर्य 87.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 18:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 14 जुलाई सूर्य 87.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 18:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 102.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 14 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:59

चंद्रमा यहाँ 21:59 पर उदय होता है।

सोम 14 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:17

सूर्योदय 05:04 सूर्यास्त 19:43 सूर्योदय 05:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:17 चंद्रोदय 21:59
सूर्योदय 05:04 सूर्यास्त 19:43 सूर्योदय 05:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:17 चंद्रोदय 21:59
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:17 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:59 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:17 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:59 पर उदय होगा।