Baoding, चीन का पंचांग सोम 3 फ़रवरी 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CST में
शुक्ल पक्ष · 09:23 तक
फिर षष्ठी · 07:07 मंगल तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें यहाँ कोई दिन षष्ठी नहीं कारण जानेंत्योहार
वसंत पंचमी
वसंत पंचमी सोम 3 फ़रवरी को है: उस सुबह पञ्चमी पूर्वाह्न का रवि 2 फ़रवरी से अधिक भाग घेरती है। सोम 3 फ़रवरी क्यों?
वसंत पंचमी: Baoding में हर तारीख़3 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 3 फ़रवरी
- 05:32–06:27ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:22 से
- 07:22–08:39अमृत चौघड़िया
- 09:57–11:14शुभ चौघड़िया
- 12:32–12:52अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:37–16:24लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:24–17:41अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:41 के बाद
- 22:49–00:31 मंगललाभ चौघड़िया
-
23:32–01:02 मंगलअमृत कालरेवती में
- 02:14–03:56 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:56–05:39 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:32–06:26 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:22–08:39अमृतशुभ
- 08:39–09:57कालअशुभ
- 09:57–11:14शुभ
- 11:14–12:32रोगअशुभ
- 12:32–13:49उद्वेगअशुभ
- 13:49–15:06चरसामान्य
- 15:06–16:24लाभशुभ
- 16:24–17:41अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:41–19:23चरसामान्य
- 19:23–21:06रोगअशुभ
- 21:06–22:49कालअशुभ
- 22:49–00:31 मंगललाभशुभ
- 00:31–02:14 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:14–03:56 मंगलशुभ
- 03:56–05:39 मंगलअमृतशुभ
- 05:39–07:21 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 3 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:32–06:27, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:22–08:39
- काल, अशुभ, 08:39–09:57
- शुभ, 09:57–11:14
- रोग, अशुभ, 11:14–12:32
- उद्वेग, अशुभ, 12:32–13:49
- चर, सामान्य, 13:49–15:06
- लाभ, शुभ, 15:06–16:24
- अमृत, शुभ, 16:24–17:41
- चर, सामान्य, 17:41–19:23
- रोग, अशुभ, 19:23–21:06
- काल, अशुभ, 21:06–22:49
- लाभ, शुभ, 22:49–00:31 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:31–02:14 मंगल
- शुभ, 02:14–03:56 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:56–05:39 मंगल
- चर, सामान्य, 05:39–07:21 मंगल
- राहु काल, 08:39–09:57, अशुभ
- यमगण्ड, 11:14–12:32, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:11–12:52, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:52–13:33, अशुभ
- गुलिक काल, 13:49–15:06, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:56–15:37, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:32–06:26 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Baoding में वसंत पंचमी सोम 3 फ़रवरी को क्यों है?
वसंत पंचमी सोम 3 फ़रवरी को है: उस सुबह पञ्चमी पूर्वाह्न का रवि 2 फ़रवरी से अधिक भाग घेरती है।
सरस्वती पूजा पूर्वाह्न में होती है, दिन का पहला आधा भाग। पञ्चमी रवि 2 फ़रवरी को 11:44 से सोम 3 फ़रवरी को 09:23 तक है, और दोनों सुबह पूर्वाह्न को छूती है। निर्णयसिंधु वह सुबह लेता है जिसका पूर्वाह्न उसमें अधिक है: सोम 3 फ़रवरी। वसंत पंचमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; पूर्वाह्न Tithika की परिपाटी है।
सोम 3 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 58.9° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:22। चतुर्थी उससे पहले 11:44 रवि पर समाप्त हुई। पञ्चमी 09:23 को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 29 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
षष्ठी क्षय क्यों है?
षष्ठी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन षष्ठी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। षष्ठी 09:23 को शुरू हुई और 07:07 मंगल को समाप्त, 07:22 और 07:21 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को पञ्चमी है और मंगलवार को सप्तमी: षष्ठी यहाँ क्षय तिथि है।
नई दिल्ली में षष्ठी क्यों है?
नई दिल्ली में षष्ठी है, Baoding में पञ्चमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:08, पञ्चमी की समाप्ति 06:53 के बाद हुआ: यह दिन षष्ठी है।
Baoding · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 07:22, पञ्चमी की समाप्ति 09:23 से पहले हुआ: यह दिन पञ्चमी है। षष्ठी अगले सूर्योदय से पहले, 07:07 मंगल को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन षष्ठी नहीं होता: वह क्षय है।
सोम 3 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:32–06:27
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:32–06:27।
रवि 2 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:40 रवि से सूर्योदय 07:22 तक थी, 13 घं 42 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 3 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:11–12:52
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:11–12:52।
सोम 3 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:52–13:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:52–13:33 और 14:56–15:37।
सोम 3 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 14:56–15:37
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:52–13:33 और 14:56–15:37।
यहाँ दिन, 07:22 से 17:41, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:52–13:33 और 14:56–15:37।
सोम 3 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:22–08:39 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:22 से 17:41, 1 घं 17 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:41 से 07:21 मंगल, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 3 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 08:39–09:57
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:39–09:57।
सोम 3 फ़रवरी को यमगंड कब है? 11:14–12:32
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:14–12:32।
सोम 3 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 13:49–15:06
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:49–15:06।
यहाँ दिन 07:22 से 17:41 तक है, 10 घं 19 मि। इसे 1 घं 17 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 3 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:22, सूर्यास्त 17:41, 10 घं 19 मि का दिन।
सोम 3 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:22, सूर्यास्त 17:41, 10 घं 19 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 3 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 349.1° पर था: रेवती, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 346°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:46 मंगल को निकलेगा, अश्विनी में।
सोम 3 फ़रवरी को कौन सा योग है? सिद्ध
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 639.3° थे, एक चक्कर और 279.3°: सिद्ध।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 290.2° + 349.1° = 639.3°, एक पूरा चक्कर और 279.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 08:35 को समाप्त होता है, फिर साध्य।
सोम 3 फ़रवरी को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 58.9° थी: पञ्चमी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 22:33 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 54° हुई; बालव 09:23 तक है।
सोम 3 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:22, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:22 से 07:21 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 3 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 29 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 28 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
सोम 3 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।
सोम 3 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 9 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 2024, 02:20 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 295° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 3 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:53
चंद्रमा यहाँ 09:53 पर उदय होता है।
सोम 3 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:17
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:53 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:17 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:53 पर उदय हुआ; वह फिर 23:17 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।