tithika
English

Baoding, चीन का पंचांग रवि 12 जनवरी 2025

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CST में

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:41 07:36 17:16अगला सूर्योदय 07:35 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:36–08:48उद्वेगअशुभ
  • 08:48–10:01चरसामान्य
  • 10:01–11:13लाभशुभ
  • 11:13–12:26अमृतशुभ
  • 12:26–13:39कालअशुभ
  • 13:39–14:51शुभ
  • 14:51–16:04रोगअशुभ
  • 16:04–17:16उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:16–19:04शुभ
  • 19:04–20:51अमृतशुभ
  • 20:51–22:38चरसामान्य
  • 22:38–00:26 सोमरोगअशुभ
  • 00:26–02:13 सोमकालअशुभ
  • 02:13–04:01 सोमलाभशुभ
  • 04:01–05:48 सोमउद्वेगअशुभ
  • 05:48–07:35 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 12 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:41–06:38, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 07:36–08:48
  • चर, सामान्य, 08:48–10:01
  • लाभ, शुभ, 10:01–11:13
  • अमृत, शुभ, 11:13–12:26
  • काल, अशुभ, 12:26–13:39
  • शुभ, 13:39–14:51
  • रोग, अशुभ, 14:51–16:04
  • उद्वेग, अशुभ, 16:04–17:16
  • शुभ, 17:16–19:04
  • अमृत, शुभ, 19:04–20:51
  • चर, सामान्य, 20:51–22:38
  • रोग, अशुभ, 22:38–00:26 सोम
  • काल, अशुभ, 00:26–02:13 सोम
  • लाभ, शुभ, 02:13–04:01 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 04:01–05:48 सोम
  • शुभ, 05:48–07:35 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:07–12:45, शुभ
  • यमगण्ड, 12:26–13:39, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:51–16:04, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:59–16:38, अशुभ
  • राहु काल, 16:04–17:16, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:41–06:38 सोम

हर मान कैसे निकलता है

रवि 12 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 155.2° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 155.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 155.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:36। द्वादशी उससे पहले 10:52 शनि पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 09:04 को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 31 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

चतुर्दशी क्षय क्यों है?

चतुर्दशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं होता।

त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी पूर्णिमा रवि 12 जनवरी सुबह सोम 13 जनवरी सुबह Baoding UTC+8 09:04 07:33 07:36 त्रयोदशी 07:35 पूर्णिमा चतुर्दशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी पूर्णिमा रवि 12 जनवरी सुबह सोम 13 जनवरी सुबह Baoding UTC+8 09:04 07:33 07:36 त्रयोदशी 07:35 पूर्णिमा चतुर्दशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्दशी 09:04 को शुरू हुई और 07:33 सोम को समाप्त, 07:36 और 07:35 सोम के सूर्योदयों के बीच। रविवार को त्रयोदशी है और सोमवार को पूर्णिमा: चतुर्दशी यहाँ क्षय तिथि है।

नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?

नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Baoding में त्रयोदशी।

त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी पूर्णिमा रवि 12 जनवरी सुबह सोम 13 जनवरी सुबह नई दिल्ली IST Baoding UTC+8 06:34 09:04 05:03 07:33 07:15 चतुर्दशी 07:15 पूर्णिमा 07:36 त्रयोदशी 07:35 पूर्णिमा
त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी पूर्णिमा रवि 12 जनवरी सुबह सोम 13 जनवरी सुबह नई दिल्ली IST Baoding UTC+8 06:34 09:04 05:03 07:33 07:15 चतुर्दशी 07:15 पूर्णिमा 07:36 त्रयोदशी 07:35 पूर्णिमा
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:15, त्रयोदशी की समाप्ति 06:34 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

Baoding · UTC+8

यहाँ सूर्योदय, 07:36, त्रयोदशी की समाप्ति 09:04 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है। चतुर्दशी अगले सूर्योदय से पहले, 07:33 सोम को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं होता: वह क्षय है।

रवि 12 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:41–06:38

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:41–06:38।

सूर्यास्त 17:15 शनि सूर्योदय 07:36 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 11 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:15 शनि सूर्योदय 07:36 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 11 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 11 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:15 शनि से सूर्योदय 07:36 तक थी, 14 घं 21 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 12 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:07–12:45

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:07–12:45।

रवि 12 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 15:59–16:38

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 15:59–16:38।

सूर्योदय 07:36 सूर्यास्त 17:16 सूर्योदय 07:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 07:36 सूर्यास्त 17:16 सूर्योदय 07:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 07:36 से 17:16, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 15:59–16:38।

रवि 12 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:36–08:48 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:36 सूर्यास्त 17:16 सूर्योदय 07:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 07:36 सूर्यास्त 17:16 सूर्योदय 07:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:36 से 17:16, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:16 से 07:35 सोम, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 12 जनवरी को राहुकाल कब है? 16:04–17:16

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:04–17:16।

रवि 12 जनवरी को यमगंड कब है? 12:26–13:39

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:26–13:39।

रवि 12 जनवरी को गुलिक काल कब है? 14:51–16:04

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:51–16:04।

सूर्योदय 07:36 सूर्यास्त 17:16 सूर्योदय 07:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:36 सूर्यास्त 17:16 सूर्योदय 07:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 07:36 से 17:16 तक है, 9 घं 40 मि। इसे 1 घं 12 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 12 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:36

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:36, सूर्यास्त 17:16, 9 घं 40 मि का दिन।

रवि 12 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:16

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:36, सूर्यास्त 17:16, 9 घं 40 मि का दिन।

सूर्योदय 07:36 सूर्यास्त 17:16 सूर्योदय 07:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:16 सोम चंद्रोदय 15:14
सूर्योदय 07:36 सूर्यास्त 17:16 सूर्योदय 07:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:16 सोम चंद्रोदय 15:14
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 12 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा

सूर्योदय पर चंद्रमा 63° पर था: मृगशिरा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 63.0° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 63.0° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 60° पर उसके पद 3 में आया। वह 13:54 को निकलेगा, आर्द्रा में।

रवि 12 जनवरी को कौन सा योग है? ब्रह्म

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 330.8° थे: ब्रह्म।

सूर्य 267.8° + चंद्रमा 63.0° = 330.8° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 267.8° + चंद्रमा 63.0° = 330.8° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 267.8° + 63° = 330.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 11:39 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।

रवि 12 जनवरी को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 155.2° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 155.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° तैतिल 150°–156° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 155.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° तैतिल 150°–156° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 21:56 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 150° हुई; तैतिल 09:04 तक है।

रवि 12 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 07:36, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 07:36 सूर्यास्त 17:16 सूर्योदय 07:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 07:36 सूर्यास्त 17:16 सूर्योदय 07:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:36 से 07:35 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 12 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 31 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 29 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

रवि 12 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल रवि 12 जनवरी पूर्णिमा 15 दिस॰ अमावस्या 31 दिस॰ पूर्णिमा 14 जन॰ अमावस्या 29 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल रवि 12 जनवरी पूर्णिमा 15 दिस॰ अमावस्या 31 दिस॰ पूर्णिमा 14 जन॰ अमावस्या 29 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 31 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।

रवि 12 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946

विक्रम संवत 2081 9 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 2024 02:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 12 जनवरी सूर्य 267.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 2024 02:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 12 जनवरी सूर्य 267.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 2024, 02:20 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 272.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 12 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:14

चंद्रमा यहाँ 15:14 पर उदय होता है।

रवि 12 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:16 सोम

सूर्योदय 07:36 सूर्यास्त 17:16 सूर्योदय 07:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:16 सोम चंद्रोदय 15:14
सूर्योदय 07:36 सूर्यास्त 17:16 सूर्योदय 07:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:16 सोम चंद्रोदय 15:14
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:14 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 07:16 सोम पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:14 पर उदय हुआ; वह फिर 07:16 सोम पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।