Baoding, चीन का पंचांग शुक्र 15 नवंबर 2024
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CST में
शुक्ल पक्ष · 08:49 तक
फिर पूर्णिमा · 05:28 शनि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं कारण जानेंत्योहार
कार्तिक पूर्णिमा
कार्तिक पूर्णिमा शुक्र 15 नवंबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। शुक्र 15 नवंबर क्यों?
कार्तिक पूर्णिमा: Baoding में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा शुक्र 15 नवंबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। शुक्र 15 नवंबर क्यों?
पूर्णिमा: Baoding में हर तारीख़15 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 15 नवंबर
- 05:09–06:04ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:00 से
- 08:16–09:31लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:41–10:46अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:02–12:22अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:02–12:22शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:02–13:17शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 17:04 के बाद
-
20:08–21:34अमृत कालभरणी में
- 20:33–22:18लाभ चौघड़िया
- 00:02–01:47 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:47–03:32 शनिअमृत चौघड़िया
- 05:10–06:05 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:00–08:16चरसामान्य
- 08:16–09:31लाभगुलिक काल में
- 09:31–10:46अमृतशुभ
- 10:46–12:02कालअशुभ
- 12:02–13:17शुभ
- 13:17–14:33रोगअशुभ
- 14:33–15:48उद्वेगअशुभ
- 15:48–17:04चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 17:04–18:48रोगअशुभ
- 18:48–20:33कालअशुभ
- 20:33–22:18लाभशुभ
- 22:18–00:02 शनिउद्वेगअशुभ
- 00:02–01:47 शनिशुभ
- 01:47–03:32 शनिअमृतशुभ
- 03:32–05:17 शनिचरसामान्य
- 05:17–07:01 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 15 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:09–06:04, शुभ
- चर, सामान्य, 07:00–08:16
- लाभ, शुभ, 08:16–09:31
- अमृत, शुभ, 09:31–10:46
- काल, अशुभ, 10:46–12:02
- शुभ, 12:02–13:17
- रोग, अशुभ, 13:17–14:33
- उद्वेग, अशुभ, 14:33–15:48
- चर, सामान्य, 15:48–17:04
- रोग, अशुभ, 17:04–18:48
- काल, अशुभ, 18:48–20:33
- लाभ, शुभ, 20:33–22:18
- उद्वेग, अशुभ, 22:18–00:02 शनि
- शुभ, 00:02–01:47 शनि
- अमृत, शुभ, 01:47–03:32 शनि
- चर, सामान्य, 03:32–05:17 शनि
- रोग, अशुभ, 05:17–07:01 शनि
- गुलिक काल, 08:16–09:31, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:01–09:41, अशुभ
- राहु काल, 10:46–12:02, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:42–12:22, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:22–13:02, अशुभ
- यमगण्ड, 14:33–15:48, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:10–06:05 शनि
हर मान कैसे निकलता है
Baoding में कार्तिक पूर्णिमा शुक्र 15 नवंबर को क्यों है?
कार्तिक पूर्णिमा शुक्र 15 नवंबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
कार्तिक पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शुक्र 15 नवंबर को 08:49 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और शनि 16 नवंबर को 05:28 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: शुक्र 15 नवंबर। कार्तिक पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Baoding में पूर्णिमा शुक्र 15 नवंबर को क्यों है?
पूर्णिमा शुक्र 15 नवंबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शुक्र 15 नवंबर को 08:49 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और शनि 16 नवंबर को 05:28 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: शुक्र 15 नवंबर। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शुक्र 15 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 166.9° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:00। त्रयोदशी उससे पहले 12:13 गुरु पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 08:49 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 1 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
पूर्णिमा क्षय क्यों है?
पूर्णिमा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 08:49 को शुरू हुई और 05:28 शनि को समाप्त, 07:00 और 07:01 शनि के सूर्योदयों के बीच। शुक्रवार को चतुर्दशी है और शनिवार को प्रतिपदा: पूर्णिमा यहाँ क्षय तिथि है।
नई दिल्ली में पूर्णिमा क्यों है?
नई दिल्ली में पूर्णिमा है, Baoding में चतुर्दशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:43, चतुर्दशी की समाप्ति 06:19 के बाद हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।
Baoding · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 07:00, चतुर्दशी की समाप्ति 08:49 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है। पूर्णिमा अगले सूर्योदय से पहले, 05:28 शनि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता: वह क्षय है।
शुक्र 15 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:09–06:04
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:09–06:04।
गुरु 14 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:04 गुरु से सूर्योदय 07:00 तक थी, 13 घं 56 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 15 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:42–12:22
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:42–12:22।
शुक्र 15 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:01–09:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:01–09:41 और 12:22–13:02।
शुक्र 15 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:22–13:02
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:01–09:41 और 12:22–13:02।
यहाँ दिन, 07:00 से 17:04, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:01–09:41 और 12:22–13:02।
शुक्र 15 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:00–08:16 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:00 से 17:04, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:04 से 07:01 शनि, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 15 नवंबर को राहुकाल कब है? 10:46–12:02
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:46–12:02।
शुक्र 15 नवंबर को यमगंड कब है? 14:33–15:48
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:33–15:48।
शुक्र 15 नवंबर को गुलिक काल कब है? 08:16–09:31
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:16–09:31।
यहाँ दिन 07:00 से 17:04 तक है, 10 घं 4 मि। इसे 1 घं 15 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 15 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:00
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:00, सूर्यास्त 17:04, 10 घं 4 मि का दिन।
शुक्र 15 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:00, सूर्यास्त 17:04, 10 घं 4 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 15 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 15.8° पर था: भरणी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 13°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 00:25 शनि को निकलेगा, कृत्तिका में।
शुक्र 15 नवंबर को कौन सा योग है? व्यतीपात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 224.7° थे: व्यतीपात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 208.9° + 15.8° = 224.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 09:59 को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।
शुक्र 15 नवंबर को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 166.9° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 22:31 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 08:49 तक है।
शुक्र 15 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 07:00, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:00 से 07:01 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 15 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 1 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 1 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
शुक्र 15 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।
शुक्र 15 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 9 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 2024, 02:20 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 213.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 15 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:21
चंद्रमा यहाँ 16:21 पर उदय होता है।
चंद्रमा 16:21 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।