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Baoding, चीन का पंचांग रवि 21 जुलाई 2024

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CST में

पूर्णिमा

शुक्ल पक्ष · 18:17 तक

फिर प्रतिपदा · 15:42 सोम तक

त्योहार

गुरु पूर्णिमा

गुरु पूर्णिमा रवि 21 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। रवि 21 जुलाई क्यों?

गुरु पूर्णिमा: Baoding में हर तारीख़

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा रवि 21 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। रवि 21 जुलाई क्यों?

पूर्णिमा: Baoding में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:53 05:09 19:38अगला सूर्योदय 05:10 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:09–06:58उद्वेगअशुभ
  • 06:58–08:46चरसामान्य
  • 08:46–10:35लाभशुभ
  • 10:35–12:24अमृतशुभ
  • 12:24–14:12कालअशुभ
  • 14:12–16:01शुभ
  • 16:01–17:50रोगअशुभ
  • 17:50–19:38उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:38–20:50शुभ
  • 20:50–22:01अमृतशुभ
  • 22:01–23:13चरसामान्य
  • 23:13–00:24 सोमरोगअशुभ
  • 00:24–01:36 सोमकालअशुभ
  • 01:36–02:47 सोमलाभशुभ
  • 02:47–03:59 सोमउद्वेगअशुभ
  • 03:59–05:10 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 21 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:53–04:31, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 05:09–06:58
  • चर, सामान्य, 06:58–08:46
  • लाभ, शुभ, 08:46–10:35
  • अमृत, शुभ, 10:35–12:24
  • काल, अशुभ, 12:24–14:12
  • शुभ, 14:12–16:01
  • रोग, अशुभ, 16:01–17:50
  • उद्वेग, अशुभ, 17:50–19:38
  • शुभ, 19:38–20:50
  • अमृत, शुभ, 20:50–22:01
  • चर, सामान्य, 22:01–23:13
  • रोग, अशुभ, 23:13–00:24 सोम
  • काल, अशुभ, 00:24–01:36 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:36–02:47 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 02:47–03:59 सोम
  • शुभ, 03:59–05:10 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:55–12:53, शुभ
  • यमगण्ड, 12:24–14:12, अशुभ
  • गुलिक काल, 16:01–17:50, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:42–18:40, अशुभ
  • राहु काल, 17:50–19:38, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:54–04:32 सोम

हर मान कैसे निकलता है

Baoding में गुरु पूर्णिमा रवि 21 जुलाई को क्यों है?

गुरु पूर्णिमा रवि 21 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।

पूर्णिमा 04:00 05:00 06:00 07:00 रवि 21 जुलाई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:09
पूर्णिमा 04:00 05:00 06:00 07:00 रवि 21 जुलाई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:09
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

गुरु पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शनि 20 जुलाई को 20:30 से रवि 21 जुलाई को 18:17 तक है, इसलिए वह केवल रवि 21 जुलाई के सूर्योदय (05:09) पर है। गुरु पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

गुरु पूर्णिमा: Baoding में हर तारीख़

Baoding में पूर्णिमा रवि 21 जुलाई को क्यों है?

पूर्णिमा रवि 21 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।

पूर्णिमा 04:00 05:00 06:00 07:00 रवि 21 जुलाई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:09
पूर्णिमा 04:00 05:00 06:00 07:00 रवि 21 जुलाई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:09
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शनि 20 जुलाई को 20:30 से रवि 21 जुलाई को 18:17 तक है, इसलिए वह केवल रवि 21 जुलाई के सूर्योदय (05:09) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: Baoding में हर तारीख़

रवि 21 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 172.7° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।

सूर्य अमावस्या 0° 172.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 172.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:09। चतुर्दशी उससे पहले 20:30 शनि पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 18:17 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 6 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

रवि 21 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:53–04:31

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:53–04:31।

सूर्यास्त 19:39 शनि सूर्योदय 05:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 20 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:39 शनि सूर्योदय 05:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 20 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 20 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:39 शनि से सूर्योदय 05:09 तक थी, 9 घं 30 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 21 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:55–12:53

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:55–12:53।

रवि 21 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 17:42–18:40

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:42–18:40।

सूर्योदय 05:09 सूर्यास्त 19:38 सूर्योदय 05:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 05:09 सूर्यास्त 19:38 सूर्योदय 05:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 05:09 से 19:38, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:42–18:40।

रवि 21 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:09–06:58 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:09 सूर्यास्त 19:38 सूर्योदय 05:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 05:09 सूर्यास्त 19:38 सूर्योदय 05:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:09 से 19:38, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:38 से 05:10 सोम, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 21 जुलाई को राहुकाल कब है? 17:50–19:38

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:50–19:38।

रवि 21 जुलाई को यमगंड कब है? 12:24–14:12

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:24–14:12।

रवि 21 जुलाई को गुलिक काल कब है? 16:01–17:50

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:01–17:50।

सूर्योदय 05:09 सूर्यास्त 19:38 सूर्योदय 05:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:09 सूर्यास्त 19:38 सूर्योदय 05:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 05:09 से 19:38 तक है, 14 घं 29 मि। इसे 1 घं 48 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 21 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:09

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:09, सूर्यास्त 19:38, 14 घं 29 मि का दिन।

रवि 21 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:38

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:09, सूर्यास्त 19:38, 14 घं 29 मि का दिन।

सूर्योदय 05:09 सूर्यास्त 19:38 सूर्योदय 05:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 20:00
सूर्योदय 05:09 सूर्यास्त 19:38 सूर्योदय 05:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 20:00
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 21 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 267.2° पर था: उत्तराषाढा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 267.2° अगला: श्रवण पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 267.2° अगला: श्रवण पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 266°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:44 सोम को निकलेगा, श्रवण में।

रवि 21 जुलाई को कौन सा योग है? विष्कम्भ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 361.6° थे, एक चक्कर और 1.6°: विष्कम्भ।

सूर्य 94.4° + चंद्रमा 267.2° = 361.6° एक चक्कर + 1.6° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 94.4° + चंद्रमा 267.2° = 361.6° एक चक्कर + 1.6° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 94.4° + 267.2° = 361.6°, एक पूरा चक्कर और 1.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 23:41 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।

रवि 21 जुलाई को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 172.7° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 172.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° विष्टि 168°–174° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 172.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° विष्टि 168°–174° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 07:26 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 18:17 तक।

रवि 21 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:09, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 05:09 सूर्यास्त 19:38 सूर्योदय 05:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 05:09 सूर्यास्त 19:38 सूर्योदय 05:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:09 से 05:10 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 21 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 6 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 4 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

रवि 21 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल रवि 21 जुलाई पूर्णिमा 22 जून अमावस्या 6 जुल॰ पूर्णिमा 21 जुल॰ अमावस्या 4 अग॰
अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल रवि 21 जुलाई पूर्णिमा 22 जून अमावस्या 6 जुल॰ पूर्णिमा 21 जुल॰ अमावस्या 4 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।

रवि 21 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946

विक्रम संवत 2081 9 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 2024 02:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 21 जुलाई सूर्य 94.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 2024 02:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 21 जुलाई सूर्य 94.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 2024, 02:20 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 99.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 21 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:00

चंद्रमा यहाँ 20:00 पर उदय होता है।

सूर्योदय 05:09 सूर्यास्त 19:38 सूर्योदय 05:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 20:00
सूर्योदय 05:09 सूर्यास्त 19:38 सूर्योदय 05:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 20:00
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 20:00 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।