Baoding, चीन का पंचांग सोम 28 अगस्त 2023
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CST में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत सोम 28 अगस्त को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं। सोम 28 अगस्त क्यों?
प्रदोष व्रत: Baoding में हर तारीख़व्रत का पारण
श्रावण पुत्रदा एकादशी
28 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 28 अगस्त
- 04:16–04:59ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:42 से
- 05:42–07:21अमृत चौघड़िया
- 09:00–10:39शुभ चौघड़िया
- 12:19–12:45अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:16–17:16लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 17:16–18:55अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:55 के बाद
- 22:58–00:19 मंगललाभ चौघड़िया
-
23:29–00:55 मंगलअमृत कालउत्तराषाढा में
- 01:40–03:01 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:01–04:22 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:17–05:00 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:42–07:21अमृतशुभ
- 07:21–09:00कालअशुभ
- 09:00–10:39शुभ
- 10:39–12:19रोगअशुभ
- 12:19–13:58उद्वेगअशुभ
- 13:58–15:37चरसामान्य
- 15:37–17:16लाभशुभ
- 17:16–18:55अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:55–20:16चरसामान्य
- 20:16–21:37रोगअशुभ
- 21:37–22:58कालअशुभ
- 22:58–00:19 मंगललाभशुभ
- 00:19–01:40 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:40–03:01 मंगलशुभ
- 03:01–04:22 मंगलअमृतशुभ
- 04:22–05:43 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 28 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:16–04:59, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:42–07:21
- काल, अशुभ, 07:21–09:00
- शुभ, 09:00–10:39
- रोग, अशुभ, 10:39–12:19
- उद्वेग, अशुभ, 12:19–13:58
- चर, सामान्य, 13:58–15:37
- लाभ, शुभ, 15:37–17:16
- अमृत, शुभ, 17:16–18:55
- चर, सामान्य, 18:55–20:16
- रोग, अशुभ, 20:16–21:37
- काल, अशुभ, 21:37–22:58
- लाभ, शुभ, 22:58–00:19 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:19–01:40 मंगल
- शुभ, 01:40–03:01 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:01–04:22 मंगल
- चर, सामान्य, 04:22–05:43 मंगल
- राहु काल, 07:21–09:00, अशुभ
- यमगण्ड, 10:39–12:19, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:52–12:45, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:45–13:38, अशुभ
- गुलिक काल, 13:58–15:37, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:24–16:16, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:17–05:00 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Baoding में प्रदोष व्रत सोम 28 अगस्त को क्यों है?
प्रदोष व्रत सोम 28 अगस्त को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी सोम 28 अगस्त को 20:53 से मंगल 29 अगस्त को 17:18 तक है, इसलिए वह केवल सोमवार के प्रदोष काल (18:55–21:05) को छूती है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
सोम 28 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 135.2° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:42। एकादशी उससे पहले 00:03 पर समाप्त हुई। द्वादशी 20:53 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 16 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 28 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:16–04:59
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:16–04:59।
रवि 27 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:56 रवि से सूर्योदय 05:42 तक थी, 10 घं 46 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 28 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:52–12:45
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:52–12:45।
सोम 28 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 12:45–13:38
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:45–13:38 और 15:24–16:16।
सोम 28 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 15:24–16:16
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:45–13:38 और 15:24–16:16।
यहाँ दिन, 05:42 से 18:55, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:45–13:38 और 15:24–16:16।
सोम 28 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:42–07:21 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:42 से 18:55, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:55 से 05:43 मंगल, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 28 अगस्त को राहुकाल कब है? 07:21–09:00
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:21–09:00।
सोम 28 अगस्त को यमगंड कब है? 10:39–12:19
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:39–12:19।
सोम 28 अगस्त को गुलिक काल कब है? 13:58–15:37
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:58–15:37।
यहाँ दिन 05:42 से 18:55 तक है, 13 घं 13 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 28 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:55, 13 घं 13 मि का दिन।
सोम 28 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:55
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:55, 13 घं 13 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 13 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 13 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 28 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 265.4° पर था: पूर्वाषाढा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 263°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:45 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
सोम 28 अगस्त को कौन सा योग है? आयुष्मान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 395.6° थे, एक चक्कर और 35.6°: आयुष्मान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 130.2° + 265.4° = 395.6°, एक पूरा चक्कर और 35.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 12:25 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।
सोम 28 अगस्त को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 135.2° थी: द्वादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 10:31 तक है, जब बढ़त 138° होगी; बालव 20:53 तक।
सोम 28 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:42, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:42 से 05:43 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 28 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 16 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 15 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
सोम 28 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।
सोम 28 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945
विक्रम संवत 2080 22 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2023, 01:23 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 153.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 28 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:25
चंद्रमा यहाँ 17:25 पर उदय होता है।
सोम 28 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:48 मंगल
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:25 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:48 मंगल पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:25 पर उदय हुआ; वह फिर 02:48 मंगल पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।