Baoding, चीन का पंचांग रवि 15 जुलाई 2012
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CST में
कृष्ण पक्ष · 06:16 तक
फिर द्वादशी · 08:30 सोम तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें एकादशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंव्रत
कामिका एकादशी
कामिका एकादशी रवि 15 जुलाई को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है। रवि 15 जुलाई क्यों?
कामिका एकादशी: Baoding में हर तारीख़15 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 15 जुलाई
- 03:50–04:27ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:04 से
- 08:44–10:34लाभ चौघड़िया
- 10:34–12:23अमृत चौघड़िया
- 11:54–12:23अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:13–16:03शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:42 के बाद
- 19:42–20:53शुभ चौघड़िया
- 20:53–22:03अमृत चौघड़िया
- 01:34–02:44 सोमलाभ चौघड़िया
-
03:53–05:40 सोमअमृत कालरोहिणी में
- 03:55–05:05 सोमशुभ चौघड़िया
- 03:50–04:28 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:04–06:54उद्वेगअशुभ
- 06:54–08:44चरसामान्य
- 08:44–10:34लाभशुभ
- 10:34–12:23अमृतशुभ
- 12:23–14:13कालअशुभ
- 14:13–16:03शुभ
- 16:03–17:52रोगअशुभ
- 17:52–19:42उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:42–20:53शुभ
- 20:53–22:03अमृतशुभ
- 22:03–23:13चरसामान्य
- 23:13–00:24 सोमरोगअशुभ
- 00:24–01:34 सोमकालअशुभ
- 01:34–02:44 सोमलाभशुभ
- 02:44–03:55 सोमउद्वेगअशुभ
- 03:55–05:05 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 15 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:50–04:27, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 05:04–06:54
- चर, सामान्य, 06:54–08:44
- लाभ, शुभ, 08:44–10:34
- अमृत, शुभ, 10:34–12:23
- काल, अशुभ, 12:23–14:13
- शुभ, 14:13–16:03
- रोग, अशुभ, 16:03–17:52
- उद्वेग, अशुभ, 17:52–19:42
- शुभ, 19:42–20:53
- अमृत, शुभ, 20:53–22:03
- चर, सामान्य, 22:03–23:13
- रोग, अशुभ, 23:13–00:24 सोम
- काल, अशुभ, 00:24–01:34 सोम
- लाभ, शुभ, 01:34–02:44 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 02:44–03:55 सोम
- शुभ, 03:55–05:05 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:54–12:53, शुभ
- यमगण्ड, 12:23–14:13, अशुभ
- गुलिक काल, 16:03–17:52, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:45–18:44, अशुभ
- राहु काल, 17:52–19:42, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:50–04:28 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Baoding में कामिका एकादशी रवि 15 जुलाई को क्यों है?
कामिका एकादशी रवि 15 जुलाई को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, शनि 14 जुलाई को 05:04 और रवि 15 जुलाई को 05:04। एकादशी (शनि 14 जुलाई 03:45 से रवि 15 जुलाई 06:16 तक) और द्वादशी (रवि 15 जुलाई 06:16 से सोम 16 जुलाई 08:30 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: रवि 15 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: शनि 14 जुलाई को दशमी 03:45 तक है, उसके भीतर (03:28–05:04); रवि 15 जुलाई को पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
रवि 15 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 311.5° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:04। दशमी उससे पहले 03:45 शनि पर समाप्त हुई। एकादशी 06:16 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 4 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
एकादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
एकादशी यहाँ शनि 14 और रवि 15 जुलाई दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 03:45 शनि को, सूर्योदय 05:04 शनि से पहले, शुरू हुई और 06:16 को, अगले सूर्योदय 05:04 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन एकादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, Baoding में एकादशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:33, एकादशी की समाप्ति 03:46 के बाद हुआ: यह दिन द्वादशी है।
Baoding · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 05:04, एकादशी की समाप्ति 06:16 से पहले हुआ: यह दिन एकादशी है।
रवि 15 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:50–04:27
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:50–04:27।
शनि 14 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:43 शनि से सूर्योदय 05:04 तक थी, 9 घं 21 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 15 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:54–12:53
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:54–12:53।
रवि 15 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 17:45–18:44
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:45–18:44।
यहाँ दिन, 05:04 से 19:42, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:45–18:44।
रवि 15 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:04–06:54 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:04 से 19:42, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:42 से 05:05 सोम, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 15 जुलाई को राहुकाल कब है? 17:52–19:42
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:52–19:42।
रवि 15 जुलाई को यमगंड कब है? 12:23–14:13
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:23–14:13।
रवि 15 जुलाई को गुलिक काल कब है? 16:03–17:52
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:03–17:52।
यहाँ दिन 05:04 से 19:42 तक है, 14 घं 38 मि। इसे 1 घं 49 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 15 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:04, सूर्यास्त 19:42, 14 घं 38 मि का दिन।
रवि 15 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:04, सूर्यास्त 19:42, 14 घं 38 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 38 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 38 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 15 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 40.2° पर था: रोहिणी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 40° पर उसके पद 1 में आया। वह 07:27 सोम को निकलेगा, मृगशिरा में।
रवि 15 जुलाई को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 129° थे: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 88.8° + 40.2° = 129°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 13:12 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
रवि 15 जुलाई को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 311.5° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 17:02 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 06:16 तक है।
रवि 15 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:04, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:04 से 05:05 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 15 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 19 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 19 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
रवि 15 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 जुलाई की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।
रवि 15 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2069 · शक 1934
विक्रम संवत 2069 22 मार्च 2012 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2012, 22:37 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 110.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2069 गिनता है; शक संवत 1934।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 15 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:22 सोम
चंद्रमा यहाँ 02:22 सोम पर उदय होता है।
रवि 15 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:30
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:30 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:22 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:30 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:22 सोम पर उदय होगा।