Atliaca, ग्वेरेरो, मैक्सिको का पंचांग मंगल 24 अगस्त 2027
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CST में
त्योहार
जन्माष्टमी
जन्माष्टमी मंगल 24 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में अष्टमी है, और किसी रात नहीं। मंगल 24 अगस्त क्यों?
जन्माष्टमी: Atliaca में हर तारीख़24 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 24 अगस्त
- 04:50–05:36ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:22 से
- 11:05–12:39लाभ चौघड़िया
- 12:14–12:39अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:39–14:14अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:48–17:23शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:57 के बाद
- 20:23–21:48लाभ चौघड़िया
-
22:35–23:31अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · कृत्तिका में
- 23:14–23:31शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:17–00:39 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:39–02:05 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:51–05:36 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:22–07:56रोगअशुभ
- 07:56–09:30उद्वेगअशुभ
- 09:30–11:05चरसामान्य
- 11:05–12:39लाभशुभ
- 12:39–14:14अमृतगुलिक काल में
- 14:14–15:48कालअशुभ
- 15:48–17:23शुभराहु काल में
- 17:23–18:57रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:57–20:23कालअशुभ
- 20:23–21:48लाभशुभ
- 21:48–23:14उद्वेगअशुभ
- 23:14–00:39 बुधशुभ
- 00:39–02:05 बुधअमृतशुभ
- 02:05–03:31 बुधचरसामान्य
- 03:31–04:56 बुधरोगअशुभ
- 04:56–06:22 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 24 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:50–05:36, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:22–07:56
- उद्वेग, अशुभ, 07:56–09:30
- चर, सामान्य, 09:30–11:05
- लाभ, शुभ, 11:05–12:39
- अमृत, शुभ, 12:39–14:14
- काल, अशुभ, 14:14–15:48
- शुभ, 15:48–17:23
- रोग, अशुभ, 17:23–18:57
- काल, अशुभ, 18:57–20:23
- लाभ, शुभ, 20:23–21:48
- उद्वेग, अशुभ, 21:48–23:14
- शुभ, 23:14–00:39 बुध
- अमृत, शुभ, 00:39–02:05 बुध
- चर, सामान्य, 02:05–03:31 बुध
- रोग, अशुभ, 03:31–04:56 बुध
- काल, अशुभ, 04:56–06:22 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:53–09:43, अशुभ
- यमगण्ड, 09:30–11:05, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:14–13:05, शुभ
- गुलिक काल, 12:39–14:14, अशुभ
- राहु काल, 15:48–17:23, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:31–00:17 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:51–05:36 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Atliaca में जन्माष्टमी मंगल 24 अगस्त को क्यों है?
जन्माष्टमी मंगल 24 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में अष्टमी है, और किसी रात नहीं।
कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त। अष्टमी मंगल 24 अगस्त को 08:55 से बुध 25 अगस्त को 07:50 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (00:17 बुध–01:02 बुध) उसके भीतर है।
मंगल 24 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण सप्तमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 262.7° आगे था: कृष्ण सप्तमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 252°–264° बाईसवीं है, कृष्ण सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:22। षष्ठी उससे पहले 09:23 सोम पर समाप्त हुई। सप्तमी 08:55 को समाप्त होगी, जब बढ़त 264° होगी। बढ़त 17 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 24 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:50–05:36
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:50–05:36।
सोम 23 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:58 सोम से सूर्योदय 06:22 तक थी, 11 घं 24 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 24 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:14–13:05
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:14–13:05।
मंगल 24 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:53–09:43
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:53–09:43, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:31–00:17 बुध।
मंगल 24 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 23:31–00:17 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:53–09:43, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:31–00:17 बुध।
यहाँ दिन, 06:22 से 18:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:53–09:43 और 23:31–00:17 बुध।
मंगल 24 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:22–07:56 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:22 से 18:57, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:57 से 06:22 बुध, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 24 अगस्त को राहुकाल कब है? 15:48–17:23
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:48–17:23।
मंगल 24 अगस्त को यमगंड कब है? 09:30–11:05
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:30–11:05।
मंगल 24 अगस्त को गुलिक काल कब है? 12:39–14:14
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:39–14:14।
यहाँ दिन 06:22 से 18:57 तक है, 12 घं 35 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 24 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 18:57, 12 घं 35 मि का दिन।
मंगल 24 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 18:57, 12 घं 35 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 24 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 29.6° पर था: कृत्तिका, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 26°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 00:58 बुध को निकलेगा, रोहिणी में।
मंगल 24 अगस्त को कौन सा योग है? ध्रुव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 156.5° थे: ध्रुव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 126.9° + 29.6° = 156.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 12:18 को समाप्त होता है, फिर व्याघात।
मंगल 24 अगस्त को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 262.7° थी: सप्तमी का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 21:13 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 258° हुई; बव 08:55 तक है।
मंगल 24 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:22, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:22 से 06:22 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 24 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 2 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 31 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
मंगल 24 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 31 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
मंगल 24 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949
विक्रम संवत 2084 6 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 2027, 17:51 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 134.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 24 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 23:52
चंद्रमा यहाँ 23:52 पर उदय होता है।
मंगल 24 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 12:34
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:34 पर अस्त हुआ; वह फिर 23:52 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:34 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 23:52 पर उदय होगा।