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Atliaca, ग्वेरेरो, मैक्सिको का पंचांग गुरु 3 जून 2027

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CST में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:34 06:01 19:09अगला सूर्योदय 06:01 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:01–07:40शुभयमगण्ड में
  • 07:40–09:18रोगअशुभ
  • 09:18–10:57उद्वेगअशुभ
  • 10:57–12:35चरसामान्य
  • 12:35–14:14लाभशुभ
  • 14:14–15:52अमृतराहु काल में
  • 15:52–17:31कालअशुभ
  • 17:31–19:09शुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:09–20:31अमृतशुभ
  • 20:31–21:52चरसामान्य
  • 21:52–23:14रोगअशुभ
  • 23:14–00:35 शुक्रकालअशुभ
  • 00:35–01:57 शुक्रलाभशुभ
  • 01:57–03:18 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:18–04:40 शुक्रशुभ
  • 04:40–06:01 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 3 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:34–05:18, शुभ
  • शुभ, 06:01–07:40
  • रोग, अशुभ, 07:40–09:18
  • उद्वेग, अशुभ, 09:18–10:57
  • चर, सामान्य, 10:57–12:35
  • लाभ, शुभ, 12:35–14:14
  • अमृत, शुभ, 14:14–15:52
  • काल, अशुभ, 15:52–17:31
  • शुभ, 17:31–19:09
  • अमृत, शुभ, 19:09–20:31
  • चर, सामान्य, 20:31–21:52
  • रोग, अशुभ, 21:52–23:14
  • काल, अशुभ, 23:14–00:35 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:35–01:57 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:57–03:18 शुक्र
  • शुभ, 03:18–04:40 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:40–06:01 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:01–07:40, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:18–10:57, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:24–11:17, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:09–13:02, शुभ
  • राहु काल, 14:14–15:52, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:39–16:32, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:34–05:18 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 3 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 342.1° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 342.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 342.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:01। त्रयोदशी उससे पहले 19:05 बुध पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 16:35 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 20 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?

नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Atliaca में चतुर्दशी।

त्रयोदशी चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या गुरु 3 जून सुबह शुक्र 4 जून सुबह नई दिल्ली IST Atliaca UTC−6 06:35 19:05 04:05 16:35 05:23 त्रयोदशी 05:23 अमावस्या 06:01 चतुर्दशी 06:01 अमावस्या
त्रयोदशी चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या गुरु 3 जून सुबह शुक्र 4 जून सुबह नई दिल्ली IST Atliaca UTC−6 06:35 19:05 04:05 16:35 05:23 त्रयोदशी 05:23 अमावस्या 06:01 चतुर्दशी 06:01 अमावस्या
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:23, त्रयोदशी की समाप्ति 06:35 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है। चतुर्दशी अगले सूर्योदय से पहले, 04:05 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं होता: वह क्षय है।

Atliaca · UTC−6

यहाँ सूर्योदय, 06:01, चतुर्दशी की समाप्ति 16:35 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

गुरु 3 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:34–05:18

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:34–05:18।

सूर्यास्त 19:09 बुध सूर्योदय 06:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 2 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:09 बुध सूर्योदय 06:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 2 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 2 जून की रात सूर्यास्त 19:09 बुध से सूर्योदय 06:01 तक थी, 10 घं 52 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 3 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:09–13:02

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:09–13:02।

गुरु 3 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 10:24–11:17

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:24–11:17 और 15:39–16:32।

गुरु 3 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 15:39–16:32

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:24–11:17 और 15:39–16:32।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 06:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 06:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:01 से 19:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:24–11:17 और 15:39–16:32।

गुरु 3 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:01–07:40 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 06:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 06:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:01 से 19:09, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:09 से 06:01 शुक्र, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 3 जून को राहुकाल कब है? 14:14–15:52

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:14–15:52।

गुरु 3 जून को यमगंड कब है? 06:01–07:40

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:01–07:40।

गुरु 3 जून को गुलिक काल कब है? 09:18–10:57

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:18–10:57।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 06:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 06:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:01 से 19:09 तक है, 13 घं 8 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 3 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:01

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 19:09, 13 घं 8 मि का दिन।

गुरु 3 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:09

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 19:09, 13 घं 8 मि का दिन।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 06:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:18 चंद्रोदय 05:37 शुक्र
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 06:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:18 चंद्रोदय 05:37 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 3 जून को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 30.5° पर था: कृत्तिका, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 30.5° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 30.5° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 30° पर उसके पद 2 में आया। वह 21:44 को निकलेगा, रोहिणी में।

गुरु 3 जून को कौन सा योग है? अतिगण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 79° थे: अतिगण्ड।

सूर्य 48.5° + चंद्रमा 30.5° = 79.0° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 48.5° + चंद्रमा 30.5° = 79.0° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 48.5° + 30.5° = 79°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 07:35 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।

गुरु 3 जून को कौन सा करण है? शकुनि

सूर्योदय पर बढ़त 342.1° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।

सूर्य अमावस्या 0° 342.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 342.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 05:54 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 16:35 तक है।

गुरु 3 जून को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:01, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 06:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 06:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:01 से 06:01 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 3 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 6 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 4 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

गुरु 3 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ वैशाख कृष्ण शुक्ल गुरु 3 जून अमावस्या 6 मई पूर्णिमा 20 मई अमावस्या 4 जून पूर्णिमा 18 जून
अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ वैशाख कृष्ण शुक्ल गुरु 3 जून अमावस्या 6 मई पूर्णिमा 20 मई अमावस्या 4 जून पूर्णिमा 18 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।

गुरु 3 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949

विक्रम संवत 2084 6 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 6 अप्रैल 2027 17:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 3 जून सूर्य 48.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 6 अप्रैल 2027 17:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 3 जून सूर्य 48.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 2027, 17:51 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 55.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 3 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:37 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 05:37 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 3 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:18

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 06:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:18 चंद्रोदय 05:37 शुक्र
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 06:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:18 चंद्रोदय 05:37 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:18 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:37 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:18 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:37 शुक्र पर उदय होगा।