Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में योगिनी एकादशी 2014 पारण समय 07:22–17:47, सोम 23 जून
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में योगिनी एकादशी 2014 कब है?
रविवार 22 जून
आषाढ़ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में रवि 22 जून का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
सोमवार 23 जून
योगिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- रविवार 22 जून
-
06:42व्रत आरंभसूर्योदय पर
- सोमवार 23 जून
-
07:22–17:47पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में योगिनी एकादशी रवि 22 जून को क्यों है?
योगिनी एकादशी रवि 22 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 01:19 से 01:16 सोम तक।
एकादशी 01:16 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 22 जून को सूर्योदय पर है, 06:42: रवि 22 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 01:19 पर, उससे (05:06–06:42) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · सोम 23 जून, 07:22–17:47 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 23 जून 01:16 से मंगल 24 जून 01:39 तक है; हरिवासर 07:22 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (17:47) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:55 तक, करते हैं।
नियम
आषाढ़ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।