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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में योगिनी एकादशी 2001 पारण समय 06:41⁠–⁠14:48, सोम 18 जून

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में योगिनी एकादशी 2001 कब है?

रविवार 17 जून

आषाढ़ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में रवि 17 जून का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

सोमवार 18 जून

पारण समय
06:41–14:48
8 घं 7 मि

योगिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • रविवार 17 जून
  • 06:41व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • सोमवार 18 जून
  • 06:41–14:48पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंयोगिनी एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में योगिनी एकादशी रवि 17 जून को क्यों है?

योगिनी एकादशी रवि 17 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 15:31 से।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 15:31 शनि से 15:32 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 17 जून को सूर्योदय पर है, 06:41: रवि 17 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 15:31 शनि पर, उससे (05:05–06:41) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · सोम 18 जून, 06:41–14:48

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 17 जून 15:32 से सोम 18 जून 14:48 तक है; हरिवासर 21:21 रवि पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 18 जून को सूर्योदय (06:41) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:54 तक, करते हैं।

नियम

आषाढ़ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।