Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में विजया एकादशी 2012 पारण समय 07:07–19:45, शनि 18 फ़रवरी
व्रत · समय UTC−2 में
Ipameri में विजया एकादशी 2012 कब है?
शुक्रवार 17 फ़रवरी
फाल्गुन कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · माघ कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में शुक्र 17 फ़रवरी का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
शनिवार 18 फ़रवरी
विजया एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शुक्रवार 17 फ़रवरी
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07:07व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शनिवार 18 फ़रवरी
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07:07–19:45पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में विजया एकादशी शुक्र 17 फ़रवरी को क्यों है?
विजया एकादशी शुक्र 17 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 23:07 गुरु से 21:59 तक।
एकादशी 21:59 शुक्र पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 17 फ़रवरी को सूर्योदय पर है, 07:07: शुक्र 17 फ़रवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 23:07 गुरु पर, उससे (05:31–07:07) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शनि 18 फ़रवरी, 07:07–19:45 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शुक्र 17 फ़रवरी 21:59 से शनि 18 फ़रवरी 21:08 तक है; हरिवासर 03:46 पर पूरा होता है। इसलिए पारण शनि 18 फ़रवरी को सूर्योदय (07:07) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (19:45) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:39 तक, करते हैं।
नियम
फाल्गुन कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · माघ कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।