tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में विजया एकादशी 1963 मंगल 19 फ़रवरी या बुध 20 फ़रवरी

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में विजया एकादशी 1963 कब है?

स्मार्त

मंगलवार 19 फ़रवरी

वैष्णव

बुधवार 20 फ़रवरी

फाल्गुन कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · माघ कृष्ण एकादशी (अमान्त)

Ipameri में मंगल 19 फ़रवरी का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

स्मार्त · बुधवार 20 फ़रवरी

पारण समय
11:52–18:44
6 घं 52 मि · Tithika की परिपाटी

वैष्णव · गुरुवार 21 फ़रवरी

पारण समय
04:33–05:19
46 मि · Tithika की परिपाटी

विजया एकादशी का समय: व्रत, पारण

स्मार्त

  • मंगलवार 19 फ़रवरी
  • 06:08व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • बुधवार 20 फ़रवरी
  • 11:52–18:44पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी

वैष्णव

  • बुधवार 20 फ़रवरी
  • 06:08व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • गुरुवार 21 फ़रवरी
  • 04:33–05:19पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंविजया एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में विजया एकादशी मंगल 19 फ़रवरी या बुध 20 फ़रवरी को क्यों है?

स्मार्त · स्मार्त परंपरा में विजया एकादशी मंगल 19 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव बुध 20 फ़रवरी को व्रत रखते हैं।

दशमी 05:59 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:59 से 06:03 बुध तक।

अरुणोदय में एकादशी केवल 06:03 तक; फिर द्वादशी। एकादशी: 05:59 मंगल से 06:03 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 19 फ़रवरी को सूर्योदय पर है, 06:08: मंगल 19 फ़रवरी।

वैष्णव

वैष्णव अरुणोदय देखते हैं, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। मंगल 19 फ़रवरी को दशमी 05:59 तक है, अरुणोदय (04:32–06:08) के भीतर, इसलिए वह एकादशी विद्ध है। एकादशी 06:03 पर समाप्त होती है, इसलिए वैष्णव बुध 20 फ़रवरी को व्रत रखते हैं: बुध 20 फ़रवरी।

व्रत का पारण

स्मार्त · बुध 20 फ़रवरी, 11:52–18:44 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 20 फ़रवरी 06:03 से गुरु 21 फ़रवरी 05:19 तक है; हरिवासर 11:52 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (18:44) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:39 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।

वैष्णव · गुरु 21 फ़रवरी, 04:33–05:19 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)

द्वादशी गुरु 21 फ़रवरी को 05:19 पर, अरुणोदय (04:33) लगने के बाद और सूर्योदय (06:09) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।

नियम

फाल्गुन कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · माघ कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।