Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में विजया एकादशी 1925 पारण समय 06:08–07:39, शुक्र 20 फ़रवरी
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में विजया एकादशी 1925 कब है?
गुरुवार 19 फ़रवरी
फाल्गुन कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · माघ कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में गुरु 19 फ़रवरी का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
शुक्रवार 20 फ़रवरी
विजया एकादशी का समय: व्रत, पारण
- गुरुवार 19 फ़रवरी
-
06:08व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शुक्रवार 20 फ़रवरी
-
06:08–07:39पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में विजया एकादशी गुरु 19 फ़रवरी को क्यों है?
विजया एकादशी गुरु 19 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 13:14 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 13:14 बुध से 10:31 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 19 फ़रवरी को सूर्योदय पर है, 06:08: गुरु 19 फ़रवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 13:14 बुध पर, उससे (04:32–06:08) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 20 फ़रवरी, 06:08–07:39
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 19 फ़रवरी 10:31 से शुक्र 20 फ़रवरी 07:39 तक है; हरिवासर 15:48 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 20 फ़रवरी को सूर्योदय (06:08) से होता है।
नियम
फाल्गुन कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · माघ कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।