Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में वरूथिनी एकादशी 2027 पारण समय 06:26–11:34, सोम 3 मई
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में वरूथिनी एकादशी 2027 कब है?
रविवार 2 मई
वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में रवि 2 मई का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
सोमवार 3 मई
वरूथिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- रविवार 2 मई
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06:26व्रत आरंभसूर्योदय पर
- सोमवार 3 मई
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06:26–11:34पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में वरूथिनी एकादशी रवि 2 मई को क्यों है?
वरूथिनी एकादशी रवि 2 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 10:24 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 10:24 शनि से 11:22 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 2 मई को सूर्योदय पर है, 06:26: रवि 2 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 10:24 शनि पर, उससे (04:50–06:26) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · सोम 3 मई, 06:26–11:34
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 2 मई 11:22 से सोम 3 मई 11:34 तक है; हरिवासर 17:25 रवि पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 3 मई को सूर्योदय (06:26) से होता है।
नियम
वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।