Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में वरूथिनी एकादशी 2095 पारण समय 06:26–08:19, रवि 1 मई
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में वरूथिनी एकादशी 2095 कब है?
शनिवार 30 अप्रैल
वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में शनि 30 अप्रैल का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 1 मई
वरूथिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 30 अप्रैल
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06:25व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 1 मई
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06:26–08:19पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में वरूथिनी एकादशी शनि 30 अप्रैल को क्यों है?
वरूथिनी एकादशी शनि 30 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 14:32 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 14:32 शुक्र से 11:35 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 30 अप्रैल को सूर्योदय पर है, 06:25: शनि 30 अप्रैल। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 14:32 शुक्र पर, उससे (04:49–06:25) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 1 मई, 06:26–08:19
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 30 अप्रैल 11:35 से रवि 1 मई 08:19 तक है; हरिवासर 16:46 शनि पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 1 मई को सूर्योदय (06:26) से होता है।
नियम
वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।