Pāthardi, महाराष्ट्र में वरूथिनी एकादशी 2024 पारण समय 05:58–17:42, रवि 5 मई
महाराष्ट्र, भारत
व्रत · समय IST में
Pāthardi में वरूथिनी एकादशी 2024 कब है?
शनिवार 4 मई
वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Pāthardi में शनि 4 मई का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 5 मई
वरूथिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 4 मई
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05:59व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 5 मई
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05:58–17:42पारण समयव्रत खोलने का समय
Pāthardi में वरूथिनी एकादशी शनि 4 मई को क्यों है?
वरूथिनी एकादशी शनि 4 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 23:24 शुक्र से 20:39 तक।
एकादशी 20:39 शनि पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 4 मई को सूर्योदय पर है, 05:59: शनि 4 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 23:24 शुक्र पर, उससे (04:23–05:59) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 5 मई, 05:58–17:42
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 4 मई 20:39 से रवि 5 मई 17:42 तक है; हरिवासर 01:55 पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 5 मई को सूर्योदय (05:58) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:33 तक, करते हैं।
नियम
वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।