Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया में वरूथिनी एकादशी 2011 पारण समय 09:27–20:53, शुक्र 29 अप्रैल
व्रत · समय UTC+5 में
Sevan में वरूथिनी एकादशी 2011 कब है?
गुरुवार 28 अप्रैल
वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Sevan में गुरु 28 अप्रैल का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
शुक्रवार 29 अप्रैल
वरूथिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- गुरुवार 28 अप्रैल
-
07:03व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शुक्रवार 29 अप्रैल
-
09:27–20:53पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Sevan में वरूथिनी एकादशी गुरु 28 अप्रैल को क्यों है?
वरूथिनी एकादशी गुरु 28 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 00:24 से 02:49 शुक्र तक।
एकादशी 02:49 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 28 अप्रैल को सूर्योदय पर है, 07:03: गुरु 28 अप्रैल। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 00:24 पर, उससे (05:27–07:03) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 29 अप्रैल, 09:27–20:53 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शुक्र 29 अप्रैल 02:49 से शनि 30 अप्रैल 05:18 तक है; हरिवासर 09:27 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (20:53) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:48 तक, करते हैं।
नियम
वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।