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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में वरूथिनी एकादशी 1986 पारण समय 06:27⁠–⁠13:13, सोम 5 मई

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में वरूथिनी एकादशी 1986 कब है?

रविवार 4 मई

वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में रवि 4 मई का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

सोमवार 5 मई

पारण समय
06:27–13:13
6 घं 46 मि

वरूथिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • रविवार 4 मई
  • 06:26व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • सोमवार 5 मई
  • 06:27–13:13पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंवरूथिनी एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में वरूथिनी एकादशी रवि 4 मई को क्यों है?

वरूथिनी एकादशी रवि 4 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 11:21 से।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 11:21 शनि से 12:01 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 4 मई को सूर्योदय पर है, 06:26: रवि 4 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 11:21 शनि पर, उससे (04:50–06:26) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · सोम 5 मई, 06:27–13:13

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 4 मई 12:01 से सोम 5 मई 13:13 तक है; हरिवासर 18:19 रवि पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 5 मई को सूर्योदय (06:27) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:44 तक, करते हैं।

नियम

वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।