tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में वरूथिनी एकादशी 1902 पारण समय 04:50⁠–⁠04:52, सोम 5 मई

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में वरूथिनी एकादशी 1902 कब है?

रविवार 4 मई

वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में रवि 4 मई का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

सोमवार 5 मई

पारण समय
04:50–04:52
2 मि · Tithika की परिपाटी

वरूथिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • रविवार 4 मई
  • 06:26व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • सोमवार 5 मई
  • 04:50–04:52पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंवरूथिनी एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में वरूथिनी एकादशी रवि 4 मई को क्यों है?

वरूथिनी एकादशी रवि 4 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 08:02 से। एकादशी: 08:02 से 06:45 रवि तक।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 08:02 शनि से 06:45 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 4 मई को सूर्योदय पर है, 06:20: रवि 4 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 08:02 शनि पर, उससे (04:44–06:20) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · सोम 5 मई, 04:50–04:52 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)

द्वादशी सोम 5 मई को 04:45 पर, अरुणोदय (04:44) लगने के बाद और सूर्योदय (06:20) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।

नियम

वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।