Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में उत्पन्ना एकादशी 2013 पारण समय 04:52–05:58, शनि 30 नवंबर
व्रत · समय UTC−2 में
Ipameri में उत्पन्ना एकादशी 2013 कब है?
शुक्रवार 29 नवंबर
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में शुक्र 29 नवंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
शनिवार 30 नवंबर
उत्पन्ना एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शुक्रवार 29 नवंबर
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06:28व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शनिवार 30 नवंबर
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04:52–05:58पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में उत्पन्ना एकादशी शुक्र 29 नवंबर को क्यों है?
उत्पन्ना एकादशी शुक्र 29 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 07:42 से। एकादशी: 07:42 से 07:14 शुक्र तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 07:42 गुरु से 07:14 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 29 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:28: शुक्र 29 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 07:42 गुरु पर, उससे (04:52–06:28) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शनि 30 नवंबर, 04:52–05:58 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)
द्वादशी शनि 30 नवंबर को 05:58 पर, अरुणोदय (04:52) लगने के बाद और सूर्योदय (06:28) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।
नियम
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।