Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में उत्पन्ना एकादशी 2011 पारण समय 06:28–14:21, मंगल 22 नवंबर
व्रत · समय UTC−2 में
Ipameri में उत्पन्ना एकादशी 2011 कब है?
सोमवार 21 नवंबर
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में सोम 21 नवंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 22 नवंबर
उत्पन्ना एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 21 नवंबर
-
06:28व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 22 नवंबर
-
06:28–14:21पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में उत्पन्ना एकादशी सोम 21 नवंबर को क्यों है?
उत्पन्ना एकादशी सोम 21 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 20:21 रवि से 17:32 तक।
एकादशी 17:32 सोम पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 21 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:28: सोम 21 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 20:21 रवि पर, उससे (04:52–06:28) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 22 नवंबर, 06:28–14:21
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 21 नवंबर 17:32 से मंगल 22 नवंबर 14:21 तक है; हरिवासर 22:44 सोम पर पूरा होता है। इसलिए पारण मंगल 22 नवंबर को सूर्योदय (06:28) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:04 तक, करते हैं।
नियम
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।