Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में उत्पन्ना एकादशी 1949 पारण समय 05:28–14:42, गुरु 17 नवंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में उत्पन्ना एकादशी 1949 कब है?
बुधवार 16 नवंबर
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में बुध 16 नवंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
गुरुवार 17 नवंबर
उत्पन्ना एकादशी का समय: व्रत, पारण
- बुधवार 16 नवंबर
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05:29व्रत आरंभसूर्योदय पर
- गुरुवार 17 नवंबर
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05:28–14:42पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में उत्पन्ना एकादशी बुध 16 नवंबर को क्यों है?
उत्पन्ना एकादशी बुध 16 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 20:24 मंगल से 17:45 तक।
एकादशी 17:45 बुध पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 16 नवंबर को सूर्योदय पर है, 05:29: बुध 16 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 20:24 मंगल पर, उससे (03:53–05:29) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · गुरु 17 नवंबर, 05:28–14:42
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 16 नवंबर 17:45 से गुरु 17 नवंबर 14:42 तक है; हरिवासर 22:59 बुध पर पूरा होता है। इसलिए पारण गुरु 17 नवंबर को सूर्योदय (05:28) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:04 तक, करते हैं।
नियम
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।