Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में उत्पन्ना एकादशी 1913 पारण समय 05:28–06:28, मंगल 25 नवंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में उत्पन्ना एकादशी 1913 कब है?
सोमवार 24 नवंबर
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में सोम 24 नवंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 25 नवंबर
उत्पन्ना एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 24 नवंबर
-
05:28व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 25 नवंबर
-
05:28–06:28पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में उत्पन्ना एकादशी सोम 24 नवंबर को क्यों है?
उत्पन्ना एकादशी सोम 24 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 11:35 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 11:35 रवि से 09:03 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 24 नवंबर को सूर्योदय पर है, 05:21: सोम 24 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 11:35 रवि पर, उससे (03:45–05:21) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 25 नवंबर, 05:28–06:28
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 24 नवंबर 09:03 से मंगल 25 नवंबर 06:22 तक है; हरिवासर 14:23 सोम पर पूरा होता है। इसलिए पारण मंगल 25 नवंबर को सूर्योदय (05:21) से होता है।
नियम
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।