Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में षटतिला एकादशी 2012 पारण समय 06:52–10:05, शुक्र 20 जनवरी
व्रत · समय UTC−2 में
Ipameri में षटतिला एकादशी 2012 कब है?
गुरुवार 19 जनवरी
माघ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · पौष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में गुरु 19 जनवरी का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
शुक्रवार 20 जनवरी
षटतिला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- गुरुवार 19 जनवरी
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06:52व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शुक्रवार 20 जनवरी
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06:52–10:05पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में षटतिला एकादशी गुरु 19 जनवरी को क्यों है?
षटतिला एकादशी गुरु 19 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 14:00 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 14:00 बुध से 12:00 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 19 जनवरी को सूर्योदय पर है, 06:52: गुरु 19 जनवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 14:00 बुध पर, उससे (05:16–06:52) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 20 जनवरी, 06:52–10:05
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 19 जनवरी 12:00 से शुक्र 20 जनवरी 10:05 तक है; हरिवासर 17:31 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 20 जनवरी को सूर्योदय (06:52) से होता है।
नियम
माघ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · पौष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।