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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में षटतिला एकादशी 1921 पारण समय 06:01⁠–⁠14:13, शुक्र 4 फ़रवरी

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में षटतिला एकादशी 1921 कब है?

गुरुवार 3 फ़रवरी

माघ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · पौष कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में गुरु 3 फ़रवरी का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

शुक्रवार 4 फ़रवरी

पारण समय
06:01–14:13
8 घं 12 मि

षटतिला एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • गुरुवार 3 फ़रवरी
  • 06:01व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • शुक्रवार 4 फ़रवरी
  • 06:01–14:13पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंषटतिला एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में षटतिला एकादशी गुरु 3 फ़रवरी को क्यों है?

षटतिला एकादशी गुरु 3 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 09:12 से।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 09:12 बुध से 11:38 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 3 फ़रवरी को सूर्योदय पर है, 06:01: गुरु 3 फ़रवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 09:12 बुध पर, उससे (04:25–06:01) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 4 फ़रवरी, 06:01–14:13

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 3 फ़रवरी 11:38 से शुक्र 4 फ़रवरी 14:13 तक है; हरिवासर 18:17 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 4 फ़रवरी को सूर्योदय (06:01) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:35 तक, करते हैं।

नियम

माघ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · पौष कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।