Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में सफला एकादशी 2086 पारण समय 05:41–17:33, बुध 1 जनवरी 2087
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में सफला एकादशी 2086 कब है?
मंगलवार 31 दिसंबर
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में मंगल 31 दिसंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
बुधवार 1 जनवरी 2087
सफला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- मंगलवार 31 दिसंबर
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05:40व्रत आरंभसूर्योदय पर
- बुधवार 1 जनवरी
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05:41–17:33पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में सफला एकादशी मंगल 31 दिसंबर को क्यों है?
सफला एकादशी मंगल 31 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 13:29 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 13:29 सोम से 15:46 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 31 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 05:40: मंगल 31 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 13:29 सोम पर, उससे (04:04–05:40) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · बुध 1 जनवरी 2087, 05:41–17:33
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी मंगल 31 दिसंबर 15:46 से बुध 1 जनवरी 17:33 तक है; हरिवासर 22:12 मंगल पर पूरा होता है। इसलिए पारण बुध 1 जनवरी को सूर्योदय (05:41) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:19 तक, करते हैं।
नियम
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।