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Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस में सफला एकादशी 2021 2021 में 2 तारीख़ें

व्रत · समय PST में

Codcod में सफला एकादशी 2021 कब है?

2021 में दो बार

शनिवार 9 जनवरी

पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Codcod में शनि 9 जनवरी का पूरा पंचांग

गुरुवार 30 दिसंबर

पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Codcod में गुरु 30 दिसंबर का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

रविवार 10 जनवरी

पारण समय
06:08–17:41
11 घं 33 मि · Tithika की परिपाटी

शुक्रवार 31 दिसंबर

पारण समय
06:04–13:10
7 घं 6 मि

सफला एकादशी का समय: व्रत, पारण

शनि 9 जनवरी

  • 06:07व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • रविवार 10 जनवरी
  • 06:08–17:41पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी

गुरु 30 दिसंबर

  • 06:04व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • शुक्रवार 31 दिसंबर
  • 06:04–13:10पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंसफला एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

सफला एकादशी इन तारीख़ों पर क्यों है?

चांद्र तिथि हर साल लगभग 11 दिन पहले आती है, जब तक कोई अधिक मास उसे फिर आगे न कर दे। जनवरी के शुरू में पड़ने वाली तिथि पिछले दिसंबर में जा सकती है, इसलिए किसी वर्ष में दो बार और अगले में एक बार भी नहीं।

शनि 9 जनवरी क्यों?

सफला एकादशी शनि 9 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 00:10 से 21:47 तक।

एकादशी 21:47 शनि पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 9 जनवरी को सूर्योदय पर है, 06:07: शनि 9 जनवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 00:10 पर, उससे (04:31–06:07) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · रवि 10 जनवरी, 06:08–17:41 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 9 जनवरी 21:47 से रवि 10 जनवरी 19:23 तक है; हरिवासर 03:11 पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 10 जनवरी को सूर्योदय (06:08) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (17:41) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:26 तक, करते हैं।

गुरु 30 दिसंबर क्यों?

सफला एकादशी गुरु 30 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 18:42 बुध से 16:10 तक।

एकादशी 16:10 गुरु पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 30 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 06:04: गुरु 30 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 18:42 बुध पर, उससे (04:28–06:04) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 31 दिसंबर, 06:04–13:10

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 30 दिसंबर 16:10 से शुक्र 31 दिसंबर 13:10 तक है; हरिवासर 21:25 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 31 दिसंबर को सूर्योदय (06:04) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:22 तक, करते हैं।

नियम

पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।