Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में सफला एकादशी 1927 पारण समय 05:34–18:45, मंगल 20 दिसंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में सफला एकादशी 1927 कब है?
सोमवार 19 दिसंबर
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में सोम 19 दिसंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 20 दिसंबर
सफला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 19 दिसंबर
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05:33व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 20 दिसंबर
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05:34–18:45पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में सफला एकादशी सोम 19 दिसंबर को क्यों है?
सफला एकादशी सोम 19 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 15:03 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 15:03 रवि से 17:41 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 19 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 05:33: सोम 19 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 15:03 रवि पर, उससे (03:57–05:33) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 20 दिसंबर, 05:34–18:45 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 19 दिसंबर 17:41 से मंगल 20 दिसंबर 20:09 तक है; हरिवासर 00:18 पर पूरा होता है। इसलिए पारण मंगल 20 दिसंबर को सूर्योदय (05:34) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (18:45) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:12 तक, करते हैं।
नियम
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।