Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में सफला एकादशी 1908 पारण समय 05:34–12:09, रवि 20 दिसंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में सफला एकादशी 1908 कब है?
शनिवार 19 दिसंबर
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में शनि 19 दिसंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 20 दिसंबर
सफला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 19 दिसंबर
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05:34व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 20 दिसंबर
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05:34–12:09पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में सफला एकादशी शनि 19 दिसंबर को क्यों है?
सफला एकादशी शनि 19 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 10:56 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 10:56 शुक्र से 11:51 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 19 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 05:27: शनि 19 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 10:56 शुक्र पर, उससे (03:51–05:27) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 20 दिसंबर, 05:34–12:09
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 19 दिसंबर 11:51 से रवि 20 दिसंबर 12:03 तक है; हरिवासर 17:54 शनि पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 20 दिसंबर को सूर्योदय (05:28) से होता है।
नियम
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।