लिब, मार्शल द्वीपसमूह में रमा एकादशी 2027 पारण समय 06:38–07:34, बुध 27 अक्टूबर
व्रत · समय UTC+12 में
लिब में रमा एकादशी 2027 कब है?
मंगलवार 26 अक्टूबर
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
लिब में मंगल 26 अक्टूबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
बुधवार 27 अक्टूबर
रमा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- मंगलवार 26 अक्टूबर
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06:38व्रत आरंभसूर्योदय पर
- बुधवार 27 अक्टूबर
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06:38–07:34पारण समयव्रत खोलने का समय
लिब में रमा एकादशी मंगल 26 अक्टूबर को क्यों है?
रमा एकादशी मंगल 26 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 12:10 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 12:10 सोम से 09:52 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+12)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 26 अक्टूबर को सूर्योदय पर है, 06:38: मंगल 26 अक्टूबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 12:10 सोम पर, उससे (05:02–06:38) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · बुध 27 अक्टूबर, 06:38–07:34
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी मंगल 26 अक्टूबर 09:52 से बुध 27 अक्टूबर 07:34 तक है; हरिवासर 15:17 मंगल पर पूरा होता है। इसलिए पारण बुध 27 अक्टूबर को सूर्योदय (06:38) से होता है।
नियम
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।